डीएनए से हुई विकासनगर की गुमशुदा युवती की पहचान, दून पुलिस की जांच पर मुहर
देहरादून। विकासनगर की गुमशुदा 22 वर्षीय युवती की हत्या की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई। एसएसपी दून के नेतृत्व में काम कर रही विकासनगर पुलिस के अथक प्रयासों से आठ महीने बाद हथिनीकुंड बैराज, सहारनपुर में मिले सिरकटे कंकाल की पहचान डीएनए रिपोर्ट से युवती के रूप में हो गई है। युवती का शव न मिलने से केस कमजोर पड़ने की आशंका अब खत्म हो गई है।
क्या था मामला
07 सितंबर 2025 को जीवनगढ़ निवासी गोपाल ने थाना विकासनगर में अपनी बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 12 सितंबर को उन्होंने दोबारा तहरीर दी कि ढकरानी निवासी शहबाज उनकी बेटी को काफी समय से परेशान कर रहा था। उन्हें शक था कि शहबाज ने बेटी को जान से मारने की नियत से बहला फुसलाकर गायब कर दिया है। पुलिस ने तुरंत मु0अ0सं0 261/2025 धारा 140(1) BNS में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
ऐसे खुला राज
जांच में सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर 12 सितंबर को ही शहबाज को गिरफ्तार किया गया। कड़ाई से पूछताछ में शहबाज ने कबूल किया कि युवती के शारीरिक संबंध से मना करने पर उसने दोस्त फैजान और एक विधि विवादित किशोर के साथ मिलकर 07 सितंबर को युवती को जीवनगढ़ से बहलाकर कुल्हाल ले गया। वहां गला घोंटकर हत्या के बाद शव शक्ति नहर में फेंक दिया।
बरामदगी और गिरफ्तारी
24 सितंबर को शहबाज के रिमांड पर उसकी निशानदेही से घटनास्थल के पास से युवती की चुन्नी मिली। 27 सितंबर को फैजान को गिरफ्तार किया गया और विधि विवादित किशोर को संरक्षण में लिया गया। घटना में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली गई। केस में धारा 103/238/61(1) BNS जोड़ी गई।
कंकाल से मिली कामयाबी
शव न मिलने से अभियुक्तों को संदेह का लाभ मिलने का खतरा था। पुलिस ने शक्ति नहर में कई दिन सर्च अभियान चलाया। 16 अक्टूबर 2025 को थाना मिर्जापुर, सहारनपुर से सूचना मिली कि हथिनीकुंड बैराज में एक सिरकटा कंकाल मिला है। शव पुराना होने से शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने कंकाल और युवती के माता-पिता का डीएनए सैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा।
12 मई 2026 को आई रिपोर्ट में डीएनए मैच हो गया। पुलिस पहले ही इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। अब डीएनए पुष्टि के बाद पुलिस कोर्ट में और मजबूती से पैरवी कर अभियुक्तों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की तैयारी में है।
एसएसपी दून के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई से साफ है कि दून पुलिस महिला अपराधों को लेकर बेहद संवेदनशील है। शव न मिलने के बावजूद पुलिस ने हार नहीं मानी और विज्ञान का सहारा लेकर केस को अंजाम तक पहुंचाया।

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