एसएसपी परमेन्द्र डोबाल की ‘सुपर विजन’ रणनीति रही सुपरहिट; रिकॉर्ड 55 हजार वाहनों के दबाव के बाद भी नहीं थमा देहरादून का ट्रैफिक!  

  
देहरादून। भीषण गर्मी और सप्ताहांत (वीकेंड) के चलते पर्यटन नगरी मसूरी, ऋषिकेश, चकराता और राजधानी देहरादून में इस बार अप्रत्याशित रूप से देश भर से पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और प्रेमनगर हाईवे के रास्ते शनिवार और रविवार को रिकॉर्ड तोड़ वाहनों की आमद हुई। इसके बावजूद, देहरादून पुलिस की कुशल और अभेद्य यातायात रणनीति के चलते सैलानियों को कहीं भी रेंगना नहीं पड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) परमेन्द्र डोबाल की कप्तानी में दून पुलिस का ट्रैफिक मैनेजमेंट पूरी तरह सुपरहिट साबित हुआ, और लाखों पर्यटकों ने बिना किसी जाम के सुगम सफर का आनंद लिया।

एसएसपी परमेन्द्र डोबाल ने वीकेंड की चुनौती को भांपते हुए पहले ही ट्रैफिक मैनेजमेंट को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर एसपी सिटी और एसपी ट्रैफिक ने मिलकर एक वृहद रूट और डायवर्जन प्लान तैयार किया। पुलिस ने पूरे रूट को ए, बी और सी तीन अलग-अलग प्लान में बांटा था। इसमें सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक किमाड़ी मार्ग का उपयोग रहा, जिसके जरिए मसूरी जाने वाले वाहनों को डायवर्ट किया गया। यह रणनीति इतनी सकारात्मक रही कि अमूमन जाम से कराहने वाले शहर के आंतरिक हिस्सों में इस बार स्थिति पूरी तरह सामान्य रही। वाहनों की एंट्री और एग्जिट के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए थे।

यातायात को सुचारू रखने के लिए पूरे रूट को **04 सुपर जोन, 10 जोन और 19 सेक्टर** में विभाजित किया गया था। कमान को मजबूत रखने के लिए सभी सुपर जोन में सीओ (CO) रैंक के अधिकारी, जोन में इंस्पेक्टर और सेक्टरों में चौकी प्रभारियों को तैनात किया गया था। इसके अलावा 12 मोबाइल टीमें लगातार सड़कों पर दौड़ती रहीं। कप्तान परमेन्द्र डोबाल की इस व्यूहरचना में न सिर्फ जिलों के थानों की पुलिस और ट्रैफिक कर्मी शामिल थे, बल्कि पुलिस कार्यालय और अभियोजन (कोर्ट) कार्यालय से भी अतिरिक्त पुलिस बल को सड़क पर उतारा गया। पहली बार गूगल मैप की टीम से समन्वय स्थापित कर पुलिस के डायवर्जन प्लान को लाइव अपडेट कराया गया, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाले चालकों को बेहद आसानी हुई।

पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस वीकेंड पर वाहनों का दबाव सामान्य दिनों से कई गुना अधिक था।
16 मई (शनिवार): देहरादून शहर में 12,000 कारें, 7,000 बस व टेम्पो ट्रैवलर और 2,500 मोटरसाइकिलें दाखिल हुईं। इनमें से 1,300 कारें, 40 बसें और 600 दोपहिया वाहन सीधे मसूरी की तरफ बढ़े।
17 मई (रविवार) : दबाव और बढ़ा, जिसमें 14,000 कारें, 6,500 बस व टेम्पो ट्रैवलर और 3,200 मोटरसाइकिलें दून पहुंचीं। इनमें से 1,570 कारें, 19 बसें और 1,100 दोपहिया वाहन मसूरी की ओर गए।

पहाड़ों की रानी मसूरी और दून के व्यस्त चौराहों पर सड़कों के किनारे हुए अतिक्रमण को हटाना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहा। इस दौरान नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए क्रेनों द्वारा उन्हें टो किया गया। चप्पे-चप्पे पर बैरियर, कोन और कॉशन टेप लगाए गए थे। खुद एसपी सिटी और एसपी ट्रैफिक ने दिन में 3 से 4 बार मौके पर जाकर ड्यूटी चेक की। सोशल मीडिया और एफएम रेडियो के माध्यम से भी लगातार रूट का प्रचार-प्रसार किया गया।

सफल संचालन के बाद अब देहरादून पुलिस इस वीकेंड पर सामने आई व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए गंभीर है। मार्ग पर बने गड्ढों, सड़क चौड़ीकरण की जरूरत, रेहड़ी-ठेली के अतिक्रमण और यातायात में बाधक बन रहे बिजली के पोलों को शिफ्ट करने के लिए संबंधित विभागों को समय से कार्रवाई करने हेतु पत्राचार किया जा रहा है।

एसएसपी परमेन्द्र डोबाल ने इस शानदार सफलता पर पूरी टीम की मुस्तैदी की सराहना की है। साथ ही उन्होंने आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि वे इसी तरह यातायात नियमों का पालन करें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें ताकि आगे भी दून की सड़कों पर सफर सुहाना बना रहे।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments