चमोली जिला योजना स्वीकार: ग्रामीण रोजगार हेतु कृषि, पर्यटन व पशुपालन पर फोकस 

वर्ष 2026-27 हेतु 74.23 करोड़ रुपये की वार्षिक जिला योजना अनुमोदित

देहरादून/चमोली,  जनपद के समग्र एवं संतुलित विकास को गति देने के उद्देश्य से  कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने की। बैठक से पूर्व जिलाधिकारी गौरव कुमार ने प्रभारी मंत्री का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 74 करोड़ 23 लाख 70 हजार रुपये की वार्षिक जिला योजना को अनुमोदित किया गया। प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को योजना में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बीते वर्ष अनेक विकासपरक एवं जनहितकारी कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं और आगामी वर्ष की योजना भी जनपद के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण निर्माण विभाग, पेयजल, कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सिंचाई, उरेड़ा, पर्यटन, खेल एवं युवा कल्याण, स्वास्थ्य, उद्योग, पंचायती राज, शिक्षा एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि योजनाओं को क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाए तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर समन्वय से अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचाया जाए। उन्होंने अधूरे एवं गतिमान कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए प्रभारी मंत्री ने किसानों को अच्छी गुणवत्ता के कृषि उपकरण सब्सिडी पर उपलब्ध कराने तथा फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षित रखने के लिए चैन लिंक फेंसिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उद्यान विभाग को जनपद में कीवी उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए बड़े क्लस्टर विकसित करने तथा उत्पादन, मार्केटिंग एवं पैकेजिंग व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया, ताकि किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सके।

उन्होंने पशुपालन विभाग को पहाड़ों की अर्थव्यवस्था के लिए “गेम चेंजर” बताते हुए कहा कि पशुपालन से ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। साथ ही अच्छी नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए। मत्स्य पालन, डेयरी एवं सहकारिता क्षेत्रों को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इन क्षेत्रों में नवाचार एवं उत्पादन आधारित कार्यों पर विशेष जोर दिया गया।

जिला योजना को भौतिक, सामाजिक, आजीविका एवं अन्य चार प्रमुख क्षेत्रों में संतुलित रूप से विभाजित किया गया है। योजना में सड़क, पेयजल, सिंचाई एवं ऊर्जा जैसी आधारभूत सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण जैसे सामाजिक क्षेत्रों को पर्याप्त प्राथमिकता दी गई है। वहीं स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन आधारित योजनाओं को विशेष फोकस में रखा गया है।

जिला योजना के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग को सड़क एवं पुल निर्माण हेतु 6 करोड़ 25 लाख रुपये, राजकीय सिंचाई को 5 करोड़ 80 लाख रुपये, लघु सिंचाई को 2 करोड़ 80 लाख रुपये, पेयजल संस्थान को 5 करोड़ 20 लाख रुपये तथा पेयजल निगम को 2 करोड़ 40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। पर्यटन विभाग को 5 करोड़ 10 लाख रुपये, प्रादेशिक विकास दल को 4 करोड़ 70 लाख रुपये, पशुपालन विभाग को 3 करोड़ 65 लाख रुपये, कृषि विभाग को 4 करोड़ 80 लाख रुपये तथा उद्यान विभाग को 5 करोड़ 5 लाख रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रारंभिक शिक्षा हेतु 4 करोड़ 30 लाख रुपये तथा माध्यमिक शिक्षा हेतु 4 करोड़ 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। वन विभाग को 1 करोड़ रुपये तथा उरेड़ा को 1 करोड़ 60 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। चिकित्सा विभाग में एलोपैथिक चिकित्सा के लिए 2 करोड़ 88 लाख रुपये, आयुर्वेद विभाग हेतु 70 लाख रुपये तथा होम्योपैथिक विभाग हेतु 11 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। वहीं सहकारिता विभाग को 60 लाख रुपये तथा मत्स्य विभाग को 85 लाख रुपये की धनराशि अनुमोदित की गई।

अर्थ एवं संख्या अधिकारी विनय जोशी ने बताया कि इस वर्ष की जिला योजना में 51.91 प्रतिशत धनराशि नए कार्यों के लिए, 31.22 प्रतिशत धनराशि वचनबद्ध एवं मानदेय मद में तथा 16.87 प्रतिशत धनराशि स्वरोजगार योजनाओं हेतु निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि जनपद की देनदारियां अपेक्षाकृत कम रही हैं तथा भविष्य में भी देनदारियां न्यूनतम रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक में अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, डीएफओ सर्वेश दुबे, पीडी आनंद सिंह, डीडीओ के के पंत सहित जनप्रतिनिधि एवं सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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