
ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर जांच से बच सकती है जान
देहरादून । विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक रहने और समय पर जांच कराने की अपील की है। अस्पताल के विशेषज्ञों ने कहा कि शुरुआती पहचान, सही समय पर इलाज और आधुनिक न्यूरोसर्जरी सुविधाओं तक पहुंच से मरीजों की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है और इसके लक्षण व गंभीरता ट्यूमर के प्रकार और बढ़ने की गति पर निर्भर करते हैं। कई मामलों में लंबे समय तक कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते, जबकि कुछ ट्यूमर तेजी से बढ़ते हैं और तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है। जागरूकता की कमी और शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करना अक्सर बीमारी को जटिल बना देता है।
डॉक्टरों ने बताया कि लगातार सिरदर्द, दौरे पड़ना, उल्टी, हाथ-पैरों में कमजोरी, बोलने में दिक्कत, संतुलन बिगड़ना, धुंधला दिखाई देना, याददाश्त में कमी और व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण ब्रेन ट्यूमर के संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।
मैक्स अस्पताल के डायरेक्टर न्यूरोसर्जरी डॉ. यशबीर देवान ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर के सफल इलाज में समय पर पहचान बेहद अहम है। उन्होंने बताया कि न्यूरोइमेजिंग, माइक्रोसर्जरी, मिनिमली इनवेसिव तकनीकों और क्रिटिकल केयर में हुई प्रगति से अब उपचार के परिणाम पहले से काफी बेहतर हुए हैं और मरीज सामान्य जीवन में लौट सकते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर ब्रेन ट्यूमर कैंसर नहीं होता और हर मरीज को सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। इलाज का तरीका ट्यूमर के प्रकार, आकार, स्थान और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर तय किया जाता है। आधुनिक चिकित्सा का लक्ष्य केवल ट्यूमर हटाना नहीं, बल्कि मरीज को बेहतर और स्वतंत्र जीवन देना भी है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को नजरअंदाज करने से स्थायी कमजोरी, नजर संबंधी समस्याएं, दौरे और बोलने में दिक्कत जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में बिना कारण लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षणों पर तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना जरूरी है।
अस्पताल ने लोगों से अपील की है कि वे शुरुआती संकेतों को पहचानें, स्वयं दवा लेने से बचें और समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच व इलाज कराएं।

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