
श्रीनगर गढ़वाल । हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में मंगलवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र-गोवा के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पद्मभूषण सम्मान के उपलक्ष्य में भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
अपने संबोधन में कोश्यारी ने कहा कि पद्मभूषण सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की जनता का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह अवसर उनके अभिनंदन से अधिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने का है, जिनके नेतृत्व में देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस कथन का भी उल्लेख किया, जिसमें केदारनाथ में कहा गया था कि “अगला दशक उत्तराखंड का होगा” और कहा कि राज्य सरकार व ग्रामीण समाज इस संकल्प को साकार करने में जुटे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के गांवों में अब लोग फल, सब्जियां और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं, जिससे पलायन में कमी आई है और लोग वापस गांवों की ओर लौट रहे हैं। कोश्यारी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे जहां भी रहें, अपने कार्य और व्यवहार से उत्तराखंड की पहचान को मजबूत करें और मातृभूमि के विकास में योगदान दें।

सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जाति-प्रथा समाज के लिए गंभीर चुनौती है और इसे समाप्त करने के लिए सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने अपने गांव में आयोजित सहभोज कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास सामाजिक एकता को बढ़ाते हैं।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कोश्यारी के सार्वजनिक जीवन, सामाजिक योगदान और उत्तराखंड के विकास में उनकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोश्यारी का जीवन सादगी, समर्पण और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि कोश्यारी भारतीय राजनीति में ईमानदारी, सादगी और जनहित के मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि उनका जीवन युवाओं और जनप्रतिनिधियों को राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। इस दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय की बीते एक वर्ष की उपलब्धियों को भी साझा किया।

इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग के निदेशक प्रो. पीबी सुब्रमण्यम, जीबी पंत इंजीनियरिंग संस्थान घुड़दौड़ी के निदेशक प्रो. विजय बंगा, राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य प्रो. आशुतोष सयाना, गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. वाईपी रैवानी, एनआईटी उत्तराखंड के कुलसचिव डॉ. हरि मौल आजाद, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी गुसाईं, अभिनंदन समिति के अध्यक्ष प्रो. धन सिंह बिष्ट, प्रो. एमएस पंवार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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