
देहरादून। उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई गति देने वाली हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) परियोजना अब धरातल पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ गई है। मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक इस ट्रेन सेवा के विस्तार पर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच सहमति बन गई है। जल्द ही परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए सर्वे शुरू किया जाएगा।
इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयासरत रहे हैं। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, जिसके बाद इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। राज्य सरकार ने अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, जबकि एनसीआरटीसी और उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने-अपने स्तर पर सहमति दे दी है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार करीब 150 किलोमीटर लंबा ट्रैक मेरठ के मोदीपुरम से शुरू होकर मुजफ्फरनगर होते हुए उत्तराखंड में प्रवेश करेगा और रुड़की, हरिद्वार (हर की पैड़ी) से गुजरते हुए ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। इसमें लगभग 72 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और 78 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में होगा।
नमो भारत ट्रेन की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा तक होगी, जिससे दिल्ली से ऋषिकेश का सफर महज ढाई से तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में यह दूरी सड़क मार्ग से तय करने में करीब पांच से छह घंटे लगते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह परियोजना राज्य के लिए गेमचेंजर साबित होगी। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही, बेहतर कनेक्टिविटी से राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
राज्य सरकार इस परियोजना को जल्द से जल्द मूर्त रूप देने के लिए केंद्र और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है।

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