देहरादून में नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती की मांग, परिवहन आयुक्त और एसएसपी को सौंपा ज्ञापन

सिर्फ शराब नहीं, चरस, गांजा, अफीम समेत अन्य मादक पदार्थों की भी वैज्ञानिक जांच कराने की उठाई मांग

देहरादून। सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को लेकर देहरादून महानगर सिटी बस सेवा सोसाइटी ने व्यावसायिक वाहनों के चालकों एवं परिचालकों के नशे की वैज्ञानिक जांच की मांग उठाई है। सोसाइटी के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल के नेतृत्व में परिवहन आयुक्त एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून को ज्ञापन सौंपकर इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन में कहा गया है कि शहर में संचालित ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा, विक्रम, टाटा मैजिक, बस तथा अन्य सार्वजनिक परिवहन वाहनों के कुछ चालकों और परिचालकों द्वारा कथित रूप से चरस, सुल्फा, अफीम, गांजा तथा अन्य नशीले कैप्सूल एवं मादक दवाओं का सेवन कर वाहन चलाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इससे यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।

सोसाइटी का कहना है कि वर्तमान में पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा मुख्य रूप से केवल शराब पीकर वाहन चलाने की जांच की जाती है, जबकि अन्य मादक पदार्थों के सेवन का सामान्य जांच में पता नहीं चल पाता। इस कारण ऐसे चालक कार्रवाई से बच निकलते हैं।

ज्ञापन में मांग की गई है कि संदिग्ध चालकों एवं परिचालकों की पहचान के लिए रक्त अथवा अन्य वैज्ञानिक परीक्षण की व्यवस्था की जाए। साथ ही इन जांचों का खर्च संबंधित विभाग अपने बजटीय प्रावधानों से वहन करे तथा जिन मामलों में मादक पदार्थों के सेवन की पुष्टि हो, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

सोसाइटी का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बनाने और यात्रियों के जीवन की रक्षा के लिए शराब के साथ-साथ अन्य मादक पदार्थों के सेवन की भी नियमित एवं वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments