पांच साल की सेवा, विकास के नए आयाम – धामी ने रचा इतिहास, राज्यपाल बोले: यह जनविश्वास की जीत

ऋषिकेश में ‘सेवा पखवाड़ा’ का भव्य शुभारंभ, ₹219 करोड़ की 51 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, 2035 तक विकसित उत्तराखंड का संकल्प दोहराया

देहरादून/ऋषिकेश। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आईडीपीएल ग्राउंड, ऋषिकेश में आयोजित भव्य कार्यक्रम में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़े का शुभारंभ किया। इस अवसर पर दोनों ने देहरादून जनपद की 219 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर प्रदेशवासियों को संबोधित किया।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने इस अभियान को लोकसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक सफलता तभी है जब योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक सम्मान, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचे। मुख्यमंत्री धामी के पांच वर्ष से अधिक समय तक दायित्व निभाने की उपलब्धि पर बधाई देते हुए राज्यपाल ने इसे जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक स्थिरता और विकास की निरंतरता का प्रतीक करार दिया। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने, सख्त नकल विरोधी कानून, जबरन धर्मांतरण विरोधी कठोर प्रावधान और प्रभावी भू-कानून जैसे फैसलों को ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताया। महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण और ‘लखपति दीदी’ योजना को उन्होंने महिला सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम बताया। इसके साथ ही केदारनाथ-बदरीनाथ धाम पुनर्विकास, होमस्टे योजना विस्तार, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 बैठकों और राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन को उत्तराखंड को निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने वाला बताते हुए युवाओं से स्टार्टअप और एआई जैसे नवाचार क्षेत्रों में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” कथन को दोहराते हुए कहा कि सेवा और जनभागीदारी से यह संकल्प साकार होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि पांच वर्ष पूर्व उन्हें देवभूमि की सेवा का जो अवसर मिला, वह यात्रा जनसेवा और सुशासन की भावना से निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए जनता के विश्वास और स्नेह को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताया, साथ ही स्पष्ट किया कि यह अवसर उत्सव का नहीं बल्कि आत्ममंथन और सेवा-संकल्प को और मजबूत करने का है। उन्होंने 2035 तक उत्तराखंड को विकसित एवं श्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य दोहराते हुए बताया कि इसके लिए आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, पर्यटन, उद्योग, निवेश, स्वरोजगार और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। रोजगार सृजन के लिए नई स्टार्टअप नीति, एक जनपद-दो उत्पाद, होमस्टे योजना और सौर स्वरोजगार योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने महिला सशक्तीकरण हेतु 30 प्रतिशत आरक्षण, नारी सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के तहत प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने आर्थिक उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से प्राप्त प्रस्तावों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है, जबकि चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेल और जी-20 बैठकों ने राज्य को नई पहचान दी है। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से जीएसडीपी वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी, एक लाख करोड़ से अधिक का बजट, नए उद्योगों की स्थापना और बढ़ते स्टार्टअप्स को उन्होंने प्रगति का प्रमाण बताया, साथ ही पर्यटन विस्तार से रिवर्स पलायन को गति मिलने की बात कही। उन्होंने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को ऐतिहासिक फैसले बताते हुए दावा किया कि बीते पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने अधिकारियों को जनता के बीच जाकर समस्याओं के त्वरित समाधान का निर्देश देते हुए विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और जनसहयोग से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, डॉ. धन सिंह रावत, खजान दास, भरत चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, मुन्ना सिंह चौहान, बृज भूषण गैरोला, सुरेश गड़िया, सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, विनोद चमोली, सहदेव सिंह पुंडीर, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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