₹29.65 करोड़ का धनगढ़ी सेतु जनता को समर्पित, कुमाऊँ-गढ़वाल को मिली सीधी कनेक्टिविटी, कॉर्बेट और चारधाम यात्रियों को राहत

रामनगर।मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-309 काशीपुर-रामनगर-मार्चुला-बुवाखाल मार्ग पर धनगढ़ी नाले के ऊपर निर्मित 220.90 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड गर्डर सेतु का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया। इस पुल के निर्माण पर ₹29.65 करोड़ की लागत आई है।

बरसात में जाम की समस्या अब खत्म
धनगढ़ी नाला बरसात में उफान पर आने से यह मार्ग अक्सर बंद हो जाता था। इससे आमजन, पर्यटकों और आपातकालीन सेवाओं को भारी दिक्कत होती थी। नए सेतु से अब यह समस्या स्थायी रूप से हल होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल पुल का उद्घाटन नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के वर्षों के संघर्ष और अपेक्षाओं की परिणति है।

यह मार्ग कुमाऊँ और गढ़वाल मंडलों को जोड़ने वाला अति महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। साथ ही यह विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान का मुख्य प्रवेश द्वार भी है। नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत और पौड़ी गढ़वाल के लाखों लोगों के दैनिक आवागमन, व्यापार और पर्यटन के लिए यह सेतु जीवनरेखा बनेगा।

“सेतु विकास की नई गति देगा” – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि धनगढ़ी सेतु कुमाऊँ और गढ़वाल को सुदृढ़ रूप से जोड़ता है। इसके बनने से आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा तथा पर्यटन, व्यापार व स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। वन क्षेत्र में सुचारु यातायात से वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “सेवा, सुशासन और विकास” के संकल्प के साथ अंतिम छोर तक विकास पहुंचा रही है। सरकार की कार्यसंस्कृति “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” पर आधारित है। जिन योजनाओं का शिलान्यास होता है, उनका समयबद्ध लोकार्पण भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि धनगढ़ी सेतु के पास ₹18.43 करोड़ की लागत से 175.60 मीटर लंबा पनौद पुल भी बनकर तैयार है। इस पर यातायात शुरू हो चुका है और डामरीकरण का काम जल्द पूरा कर इसे भी समर्पित किया जाएगा। दोनों पुल क्षेत्र के विकास की मजबूत आधारशिला बनेंगे।

केंद्रीय मंत्री टम्टा: चारधाम यात्रियों को भी मिलेगा लाभ
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा ने कहा कि इस सेतु से वर्षभर निर्बाध यातायात मिलेगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यह पुल व्यापार, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को गति देगा। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और कॉर्बेट आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

अन्य घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने रामनगर क्षेत्र के वन खत्तों में रहने वाले परिवारों की समस्याओं पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि रामनगर-रानीखेत मोटर मार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण मार्गों के चौड़ीकरण के प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जा चुके हैं।

लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री ने गर्जिया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद उन्होंने नव निर्मित सेतु का पैदल निरीक्षण किया और कॉर्बेट की सीमा पर पुल के पास आए वन्यजीवों को भी देखा।

कार्यक्रम में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, महेश जीना, प्रमोद नैनवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री शंकर कोरंगा, संजय डॉर्बी, जेड. ए. वारसी, गणेश रावत, रंजन बरगली, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।₹29.65 करोड़ का धनगढ़ी सेतु जनता को समर्पित, कुमाऊँ-गढ़वाल को मिली सीधी कनेक्टिविटी, कॉर्बेट और चारधाम यात्रियों को राहत

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