धामी सरकार का वित्तीय चमत्कार : 50 साल के ब्याजमुक्त ऋण से 11 हजार करोड़ का विकास, कांग्रेस को भाजपा का करारा जवाब

कांग्रेस की गलतियों का भुगतान कर रही धामी सरकार  – मनवीर चौहान

देहरादून,। उत्तराखंड में ऋण प्रबंधन को लेकर कांग्रेस द्वारा धामी सरकार पर उठाए गए सवालों का भाजपा ने जोरदार पलटवार किया है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस को पहले अपनी जानकारी दुरुस्त करनी चाहिए, क्योंकि धामी सरकार ने राज्य के विकास के लिए भारत सरकार से 50 वर्षों के लिए ब्याजमुक्त ऋण लिया है, जो देश के अग्रणी राज्यों में उत्तराखंड को बेहतर ऋण प्रबंधन करने वाले राज्यों की सूची में शामिल करता है।

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने आर्थिक मुद्दे पर विस्तार से बात करते हुए बताया कि धामी सरकार ने राजस्व अधिशेष की स्थिति हासिल की है, जिसका मतलब है कि उत्तराखंड की राजस्व आय, राजस्व व्यय से ज्यादा है। यह उपलब्धि वित्तीय अनुशासन का परिणाम है, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर नीति आयोग और अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट जैसी संस्थाओं द्वारा सराहना की गई है। चौहान ने स्पष्ट किया कि एफआरबीएम एक्ट के तहत ही ऋण लेने की नीति बनाई गई है, जिसमें ऋण-जीएसडीपी अनुपात को सुरक्षित दायरे में रखा गया है और राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत के भीतर रखा गया है।

उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने महंगा कर्ज बढ़ाने की बजाय राज्यों के लिए विशेष पूंजीगत सहायता योजना का लाभ उठाया है, जिसमें पूंजीगत विकास के लिए शून्य ब्याज पर 50 वर्ष के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। तकनीकी रूप से यह ऋण के रूप में दिखता है, लेकिन इसका वास्तविक भार राज्य सरकार पर नहीं पड़ता। पिछले तीन वर्षों में प्रतिवर्ष लगभग 2000 करोड़ रुपये इस योजना से राज्य को लाभ हुआ है, जबकि इस वर्ष 2300 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ लिया गया है।

चौहान ने बताया कि पूंजीगत विकास कार्यों पर पहले प्रतिवर्ष 5 से 6 हजार करोड़ रुपये खर्च होते थे, लेकिन अब अवसंरचना विकास पर लगभग 11 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद कांग्रेस सरकार द्वारा लिए गए ऋण के भुगतान का दायित्व भी धामी सरकार उठा रही है। गत वर्ष 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण चुकाया गया है।

भाजपा का दावा है कि धामी सरकार ने उधारी पर अनुशासन रखते हुए राजकोषीय घाटा और सार्वजनिक ऋण दोनों को तय सीमा के भीतर रखा है। चौहान ने कहा कि राजस्व अधिशेष, सीमित कर्ज वृद्धि और राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना धामी सरकार के अच्छे वित्तीय प्रबंधन की स्पष्ट तस्वीर दर्शाती है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वित्तीय कुप्रबंधन के कारण ही राज्य को आज भी 2013 की आपदा के ऋण का भुगतान करना पड़ रहा है।

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