धाकड़ और धुरंदर धामी ने तोड़ा पूर्व CM नारायण दत्त तिवारी का रिकॉर्ड, बने उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक कार्यरत मुख्यमंत्री

5 वर्ष पूरे करने वाले पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने धामी, 10 जुलाई को हो गया नया रिकॉर्ड

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की राजनीति में नया इतिहास रच दिया है। 4 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री पद संभालने के 5 वर्ष पूरे कर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी के लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को तोड़ने की राह पकड़ ली है। 9 जुलाई को धामी उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन जाएंगे।

धामी 4 जुलाई 2021 को पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद उन्हें लगातार दूसरा कार्यकाल मिला। इस तरह वे राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने, जिन्होंने लगातार पांच वर्ष पूरे किए। इससे पहले स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी (कांग्रेस) ने 2 मार्च 2002 से 7 मार्च 2007 तक करीब 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया था।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उपलब्धि किसी प्रतिस्पर्धा की नहीं बल्कि टीम वर्क, जनता के विश्वास और विकास कार्यों का परिणाम है। उन्होंने अपने सभी पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों, खासकर नारायण दत्त तिवारी सहित सभी का सम्मान करते हुए कहा, “कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। हम सब मिलकर उत्तराखंड को आगे बढ़ा रहे हैं।”

उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल को आज 1832 दिन पूरे हो चुके हैं। इससे उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी के 1831 दिन के रिकॉर्ड को पार कर लिया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत 1452 दिन, हरीश रावत 1148 दिन और भुवन चंद्र खंडूड़ी अपने पहले कार्यकाल में 840 दिन तक मुख्यमंत्री पद पर रहे थे।

पुष्कर सिंह धामी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र जीवन के दौरान वे एबीवीपी के उत्तर प्रदेश प्रदेश महासचिव रहे और इस दौरान उन्होंने संगठन का एक बड़ा और सफल महासम्मेलन भी आयोजित किया। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद धामी दो बार भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभाल चुके हैं।

2012 में भाजपा ने उन्हें पहली बार चुनावी मैदान में उतारा और वे खटीमा सीट से विधायक चुने गए। 2017 में उन्होंने खटीमा से ही दोबारा जीत हासिल की। वर्ष 2021 में तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। 2022 के विधानसभा चुनाव में वे खटीमा से कांग्रेस उम्मीदवार भुवन कापड़ी से हार गए, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद उन्होंने चंपावत सीट पर उपचुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे।

धामी के 5 वर्षों के कार्यकाल में राज्य सरकार ने Uniform Civil Code (UCC), सख्त भूमि कानून, पर्यटन विकास, रोजगार सृजन और आपदा प्रबंधन, अल्पसंख्यक प्राधिकरण बोर्ड जैसे कई ऐतिहासिक फैसले लिए। हाल ही में उन्होंने चंपावत में 123 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया।

भाजपा कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। कई संगठनों ने धामी को बधाई दी है और उन्हें 2027 के चुनावों में फिर से जीत दिलाने का संकल्प लिया है।

उत्तराखंड के गठन के बाद से अब तक 10 मुख्यमंत्री बदल चुके हैं। ऐसे में धामी की स्थिर सरकार राज्य की राजनीति में स्थिरता का प्रतीक बनकर उभरी है। यह रिकॉर्ड भाजपा के लिए भी गर्व का विषय है क्योंकि धामी राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने पूर्ण 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया।

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