‘सोनम वांगचुक को उठाना लोकतंत्र पर हमला’: AAP प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया का सरकार पर तीखा प्रहार

NEET पेपर लीक और रिया थापा मामले पर भी सरकार को घेरा, CBI जांच और मुआवजे की उठाई मांग

देहरादून । आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी कर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को उठाया गया, वह देश के लोकतंत्र पर एक बड़ा आघात है। उन्होंने कहा कि वांगचुक गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से अनशन कर रहे थे, लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें जिस तरह उठाकर ले जाया गया, वह पर्यावरण की रक्षा और छात्रों के लिए आवाज उठाने वालों की आवाज दबाने जैसा है।

उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि सोनम वांगचुक के नाम सैकड़ों उपलब्धियां हैं, जिनकी वजह से देश का नाम विश्व पटल पर प्रमुखता से लिया जाता है। उन्होंने बताया कि लद्दाख के इंजीनियर, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता वांगचुक को फिल्म “थ्री इडियट्स” के फुन्सुख वांगडू का असली प्रेरणा-स्रोत माना जाता है। पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में उन्होंने आइस स्तूपा तकनीक विकसित की, जिसमें सर्दियों का पानी शंकु आकार के बर्फ के टावर में जमा कर गर्मियों में सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है। यह तकनीक अब नेपाल, पाकिस्तान, चिली और स्विस आल्प्स में भी अपनाई जा रही है। टाइम मैगजीन ने 2025 में उन्हें शीर्ष 100 क्लाइमेट लीडर्स की सूची में शामिल किया था।

प्रदेश अध्यक्षा ने बताया कि वांगचुक ने हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख की स्थापना की, जो हिमालयी युवाओं को ग्लेशियर पिघलने और कम बारिश जैसी स्थानीय समस्याओं का समाधान सिखाती है। उनका सेकमोल कैंपस पूरी तरह सौर ऊर्जा पर चलता है और वहां खाना पकाने, रोशनी व गर्माहट के लिए जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल नहीं होता। उन्होंने सेना के लिए सौर ऊर्जा से गर्म रहने वाले मिट्टी के टेंट भी बनाए हैं। उमा गौड़ सिसोदिया ने बताया कि 2025 तक वांगचुक को करीब 15 पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें एशिया के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान रैमन मैग्सेसे अवार्ड 2018 भी शामिल है, और उन्होंने लद्दाख के जमे हुए रेगिस्तान को उपजाऊ भूमि में बदलने का काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि 15 से अधिक देश वांगचुक को नागरिकता देने को तैयार हैं, और ऐसे व्यक्ति के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार देश के लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है।

प्रदेश अध्यक्षा ने उत्तराखंड की रिया थापा का जिक्र करते हुए कहा कि NEET परीक्षा लीक होने से आहत होकर बच्ची ने आत्महत्या कर ली थी और सवाल किया कि क्या आज उस बच्ची की आत्मा सरकार को धिक्कार नहीं रही होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चुप है, जबकि सड़क पर उतरकर सवाल पूछने वालों को जेल में डाला जा रहा है। उन्होंने NEET पेपर लीक की CBI जांच कराने, दोषियों को सख्त सजा देने, रिया थापा के परिवार को मुआवजा देने और पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कानून बनाने की मांग रखी।

उमा गौड़ सिसोदिया ने अपने बयान के अंत में कहा कि अब समय आ गया है कि सभी लोग जागें और आंदोलन को उस मुकाम तक पहुंचाएं, जहां सत्ता में बैठे लोग जनता की बात सुनने को मजबूर हों।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments