

देहरादून में 151 मुकदमे दर्ज, 170 तस्कर गिरफ्तार, सेलाकुई में बनेगा 30 बेड केंद्र
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति एनसीओआरडी की बैठक में उन्होंने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और हर युवा का भविष्य बचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में डीएम ने पुलिस को पुराने अपराध आंकड़ों का जीआईएस विश्लेषण कर जनपद के हॉटस्पॉट क्षेत्र चिन्हित करने को कहा। उन्होंने चाय-तंबाकू की ठेलियों, मेडिकल स्टोर्स और स्लम बस्तियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। ई-ड्रग्स और केमिकल ड्रग्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी और औषधि विभाग को संयुक्त कार्रवाई कर सप्लाई चेन ध्वस्त करने को कहा गया।
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में नियमित पाठ्यक्रम के साथ एंटी-ड्रग्स, साइबर क्राइम और वित्तीय अपराध के विषय पढ़ाने के निर्देश दिए गए। छात्रावासों, पीजी और कोचिंग संस्थानों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाएगी। एंटी-ड्रग्स हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार भी किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने को कहा। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर केंद्रों को तत्काल सील किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सेलाकुई में 30 बेड क्षमता का नया नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
विभागों ने बताया कि जनपद में 84 पंजीकृत और 2 अपंजीकृत नशा मुक्ति केंद्र चिन्हित किए गए। सत्यापन में 23 बंद और 15 में अनियमितता मिली। पुलिस ने इस वर्ष 151 मुकदमे दर्ज कर 170 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में 711 छात्रों का ड्रग टेस्ट हुआ, सभी रिपोर्ट निगेटिव आईं। रायवाला स्थित राजकीय नशा मुक्ति केंद्र को 15 से बढ़ाकर 30 बेड किया जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी स्मृत परमार, सीएमओ डॉ. एम.के. शर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी जगदीश पंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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