

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट का रविवार देर रात निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें ईसी रोड स्थित सिटी हार्ट हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनका निधन हृदयाघात के कारण हुआ।
उनके निधन की सूचना मिलते ही कांग्रेस संगठन, श्रमिक संगठनों और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर फैल गई। पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।उनके निधन पर उत्तराखंड कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। उनके पैतृक गांव नालापाली स्थित श्मशान घाट में पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
हीरा सिंह बिष्ट को प्रदेश की राजनीति में जनसरोकारों से जुड़े एक प्रतिबद्ध नेता के रूप में पहचान मिली। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में मजदूरों, कर्मचारियों, गरीबों और समाज के वंचित वर्गों की समस्याओं को लगातार उठाया। कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और श्रमिक हितों की आवाज बुलंद करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निधन को राज्य की राजनीति और श्रमिक आंदोलन के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
शोक संदेश जारी करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट ने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा, संगठन निर्माण और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए समर्पित किया। नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
हीरा सिंह बिष्ट अविभाजित उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे।हीरा सिंह बिष्ट का राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ। उन्होंने देहरादून के डीएवी कॉलेज से छात्र राजनीति में सक्रियता दिखाई। 1977 के लोकसभा चुनाव में टिहरी गढ़वाल से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे। वह तीन बार विधायक निर्वाचित हुए और तत्कालीन मुख्यमंत्री एन.डी. तिवारी के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में परिवहन, श्रम तथा तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व संभाला। कांग्रेस संगठन में भी वह लंबे समय तक प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे और अनेक युवा नेताओं के मार्गदर्शक के रूप में सम्मानित थे।
राजनीतिक जीवन के अलावा खेलों के क्षेत्र में भी हीरा सिंह बिष्ट का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। वह उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। अपने पहले विधायक कार्यकाल के दौरान उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह से रायपुर क्रिकेट स्टेडियम के लिए भूमि आवंटित कराने में अहम भूमिका निभाई। बाद में विजय बहुगुणा और हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में इस परियोजना को पूरा किया गया।

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