

‘मां ही जीवन की प्रथम गुरु’ – गणेश जोशी
देहरादून । गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को अपनी माता, गुरुजनों और विभिन्न संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मां ही प्रत्येक व्यक्ति की पहली और सबसे बड़ी गुरु होती है, जो जीवन के संस्कार और सही दिशा देती है।
मंत्री ने सबसे पहले अपनी माता मोहनी जोशी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, “मां का स्थान ईश्वर के समान है। सृष्टि के सृजन और मानवता के निर्माण का सर्वोच्च दायित्व ईश्वर ने मां को ही सौंपा है। जीवन के प्रथम संस्कार और चरित्र की नींव हमें मां से ही मिलती है।”
इसके बाद उन्होंने कैंट विधायक सविता कपूर से आशीर्वाद लिया और अपने राजनीतिक गुरु स्वर्गीय हरबंश कपूर को श्रद्धांजलि दी। गणेश जोशी ने कहा, “आज मैं जिस स्थान पर हूं, उसमें स्वर्गीय हरबंश कपूर और गुरु माता सविता कपूर का महत्वपूर्ण योगदान है।”
गुरु पूर्णिमा के क्रम में मंत्री ब्राह्मणवाला में वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश सुमन ध्यानी के आवास पहुंचे और उन्हें पुष्पगुच्छ व शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इसके पश्चात उन्होंने टपकेश्वर मंदिर में दिगम्बर भरत गिरी महाराज से भेंट कर जलाभिषेक किया। पलटन बाजार स्थित जंगम शिवालय में महंत कृष्णा गिरि महाराज और राजपुर रोड स्थित स्वामी रामतीर्थ मिशन आश्रम में परमाध्यक्ष डॉ. स्वामी शिवचन्द्र दास महाराज का भी आशीर्वाद प्राप्त किया।

इसी अवसर पर मंत्री ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा स्वामी रामतीर्थ मिशन आश्रम, कुठाल गेट में स्थापित दो सोलर हाईमास्ट लाइटों का उद्घाटन भी किया। गणेश जोशी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु और संतों का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ज्ञान और संस्कार देते हैं, जबकि संत समाज को आध्यात्मिक चेतना और लोककल्याण का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
इस दौरान उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कुठालगांव के छात्रों से संवाद कर उनकी जरूरतें जानीं और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में दायित्वधारी ज्योति कोटिया, मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, सारिका खत्री सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Recent Comments