

राजस्व वसूली में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने राजस्व वसूली में शिथिलता बरतने वाले विभागों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सरकारी राजस्व प्राप्ति में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लक्ष्य से पीछे चल रहे विभाग तुरंत प्रभाव से व्यावहारिक कार्ययोजना बनाकर वसूली में तेजी लाएं।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिला स्तरीय राजस्व संवर्धन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने कहा कि अब हर माह विभागवार प्रगति का बारीकी से मूल्यांकन होगा। लक्ष्य प्राप्ति में लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
कई विभाग लक्ष्य से पीछे
बैठक में सामने आया कि जल संस्थान, परिवहन, सिंचाई, वन और निबंधन विभागों में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में कम राजस्व प्राप्ति हुई है। डीएम ने इन विभागों के प्रमुखों को कम वसूली के कारणों का गहन विश्लेषण कर ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए।
समीक्षा में सामने आए प्रमुख आंकड़े इस प्रकार रहे:
– सिंचाई विभाग: 100 लाख रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष जून तक 20.04 लाख रुपये की प्राप्ति।
– निबंधन विभाग: 1450 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले जून तक 380 करोड़ रुपये। इसमें स्टाम्प व निबंधन शुल्क से 129 करोड़ रुपये शामिल हैं।
– खनन विभाग: जून 2026 का लक्ष्य 8 करोड़ था, जिसके सापेक्ष 8.06 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। अवैध खन-परिवहन के 9 मामलों में 13.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 12.67 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं।
– आबकारी: 667.60 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष जून तक 128 करोड़ रुपये।
– राज्य कर: 4563.74 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 1142.36 करोड़ रुपये।
– वन विभाग: 63.63 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 17.22 करोड़ रुपये।
– नगर निगम देहरादून: 75 करोड़ के लक्ष्य पर 24.37 करोड़। *नगर निगम ऋषिकेश*: 1247.20 लाख के लक्ष्य पर 170.56 लाख रुपये।
– परिवहन विभाग: इस वर्ष कोई वार्षिक लक्ष्य निर्धारित नहीं, फिर भी जून तक 5906.50 लाख रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष से 1.67% अधिक है।
बैठक में सिंचाई विभाग की 20.35 करोड़ के लक्ष्य पर 1.41 करोड़ और पर्यटन विभाग की 1.40 लाख रुपये की प्राप्ति पर भी चर्चा हुई। सभी नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों व अन्य राजस्व विभागों की आय की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में अधीक्षण अभियंता ओ.पी. सिंह, राजीव सैनी, अधिशासी अभियंता दीक्षांत गुप्ता, राजेश कुमार निर्वाल, जिला खनन अधिकारी ऐश्वर्य शाह, नगर आयुक्त ऋषिकेश विजय नाथ शुक्ल, यूटीसी के सुरेश सिंह चौहान सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

Recent Comments