

देहरादून, । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत दून पुलिस ने अपराध के अलग-अलग मोर्चों पर एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए नशा तस्करों, भू-माफिया गिरोह के सदस्य और वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपियों पर शिकंजा कसा है। प्रेमनगर, पटेलनगर, नेहरू कॉलोनी और राजपुर थाना क्षेत्रों में की गई इन कार्रवाइयों को पुलिस की समन्वित रणनीति और सघन अभियान का नतीजा माना जा रहा है।
इस अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई कोतवाली प्रेमनगर क्षेत्र में सामने आई, जहां पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो नशा तस्करों बलिस्टर और अनुराग चौधरी को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 15.85 ग्राम अवैध स्मैक, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5.50 लाख रुपये बताई गई है, बरामद की गई। इसके अलावा एक 32 बोर पिस्टल, 6 जिंदा कारतूस, 2 खाली मैग्जीन और एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ली। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी मूल रूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं और पिछले तीन-चार माह से केहरी गांव में रह रहे थे। वे सहारनपुर से स्मैक लाकर प्रेमनगर और आसपास के इलाकों में, खासकर कॉलेज छात्रों, हॉस्टल, पीजी और फ्लैटों में रहने वाले युवाओं को बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

दूसरी महत्वपूर्ण कार्रवाई कोतवाली पटेलनगर में दर्ज एक बहुचर्चित भूमि फर्जीवाड़ा मामले में हुई, जहां करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के षड्यंत्र में शामिल आरोपी राजकमल को पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, वादी राहुल देव ने शिकायत दी थी कि उनके ममेरे दादा स्वर्गीय केवल कृष्ण की संपत्ति, जो वसीयत के आधार पर उनके नाम थी, उस पर वर्ष 2025 के कथित फर्जी अधिकार पत्र और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्टे लेने का प्रयास किया गया। आरोप है कि मृतक के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर दस्तावेज तैयार किए गए और इसी आधार पर भूमि पर दावा किया गया। इस मामले में मुख्य आरोपी बबीता देवी को पुलिस पहले ही 1 जून 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब पुलिस ने फरार चल रहे सह-अभियुक्त राजकमल को पकड़कर मामले की जांच को आगे बढ़ाया है। पुलिस का कहना है कि रजिस्ट्री कार्यालय, राजस्व विभाग और बैंकों से जुटाए गए दस्तावेजों के आधार पर पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

इसी क्रम में दून पुलिस ने शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई वाहन चोरी की 6 घटनाओं का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक विधि-विवादित किशोर को संरक्षण में लिया गया। इन आरोपियों के कब्जे से कुल 7 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी नशे के आदी हैं और अपनी लत पूरी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
पटेलनगर क्षेत्र में 30 जुलाई को चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल के मामले में पुलिस ने 31 जुलाई को कबाड़ी बाजार पुल के पास से दीपक और विशाल नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल के साथ ही कोतवाली नगर क्षेत्र से चोरी की गई एक अन्य मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।
वहीं नेहरू कॉलोनी पुलिस ने नितिन नामक आरोपी को दून यूनिवर्सिटी के पास झाड़ियों से चोरी की स्कूटी के साथ गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दो अन्य चोरी के वाहन भी बरामद किए।
उधर राजपुर क्षेत्र में पुलिस ने हैलीपैड सहस्त्रधारा इलाके से एक चोरी की मोटरसाइकिल के साथ एक किशोर को संरक्षण में लिया, जिसकी निशानदेही पर रायपुर क्षेत्र से चोरी की गई दूसरी मोटरसाइकिल भी बरामद हुई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “ऑपरेशन प्रहार” के तहत जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में अपराधियों, नशा तस्करों और संगठित अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हालिया कार्रवाई से साफ है कि दून पुलिस अब अपराध की हर कड़ी पर एक साथ चोट करने की रणनीति पर काम कर रही है। नशे के कारोबार से लेकर जमीन हड़पने की साजिश और वाहन चोरी जैसे मामलों में की गई यह ताबड़तोड़ कार्रवाई पुलिस की सक्रियता और सख्ती का संकेत मानी जा रही है।

Recent Comments