

देहरादून। डीआईटी विश्वविद्यालय, देहरादून ने उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए शैरॉन बायो मेडिसिन लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एमओयू 13 अगस्त 2026 को विश्वविद्यालय के पृथ्वी बोर्ड रूम में आयोजित समारोह में संपन्न हुआ।
समझौते का मुख्य उद्देश्य छात्रों और फैकल्टी सदस्यों के लिए व्यावहारिक अवसर बढ़ाना है। इसके तहत छात्रों को इंटर्नशिप और औद्योगिक अनुभव, प्लेसमेंट व करियर मार्गदर्शन, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और कौशल विकास मिलेगा। इसके अलावा उद्योग विशेषज्ञों के व्याख्यान, फैकल्टी–इंडस्ट्री संवाद, संयुक्त शोध परियोजनाएं, औद्योगिक भ्रमण और व्यावहारिक कार्य भी शामिल किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय का मानना है कि इन गतिविधियों से छात्रों को मौजूदा उद्योग प्रक्रियाओं और पेशेवर जरूरतों की सीधी समझ मिलेगी। वहीं फैकल्टी को उद्योग की नई तकनीकों और कार्यप्रणाली से जुड़ने का मौका मिलेगा। इससे करियर केंद्रित शिक्षा मजबूत होगी और छात्र अकादमिक से कार्यस्थल तक बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।
इस अवसर पर शैरॉन बायो मेडिसिन लिमिटेड की ओर से कंपनी के हेड–एचआर मनोज ममगाई मौजूद रहे। डीआईटी विश्वविद्यालय से प्रो. (डॉ.) विनय शर्मा, प्रो वाइस चांसलर, डॉ. नरेश मोहन चड्ढा, डीन स्कूल ऑफ फिजिकल साइंस, प्रो. (डॉ.) गिरिराज टी. कुलकर्णी, डीन स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल्स एंड पॉपुलेशन हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स, प्रवीण सैवाल, डीन करियर सर्विसेज एंड डेवलपमेंट सेंटर, डॉ. मनीषा दुसेजा, विभागाध्यक्ष रसायन विज्ञान, अनुज सिंह ठाकुर, डिप्टी रजिस्ट्रार, डॉ. जाब्रिंदर सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी और डॉ. नितिन कुमार खंबोज, सहायक प्रोफेसर उपस्थित थे।

कार्यक्रम के बाद श्री ममगाई ने स्कूल ऑफ फिजिकल साइंस और स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल्स एंड पॉपुलेशन हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स की प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संरचना, प्रैक्टिकल लर्निंग माहौल और फार्मास्यूटिकल सुविधाओं को देखा और भविष्य में सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह एमओयू उद्योग और शिक्षा के बीच दीर्घकालिक सेतु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शैक्षणिक विशेषज्ञता और औद्योगिक अनुभव को जोड़कर यह साझेदारी ज्ञान साझा करने, व्यावहारिक शिक्षण और पेशेवर नेटवर्किंग को बढ़ावा देगी।

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