

“वीर गार्डियन 26” से लेकर पोत निर्माण तक—दिल्ली में राजनाथ-कोइज़ुमी की ऐतिहासिक सहमति!
नई दिल्ली। नई दिल्ली में गुरुवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइज़ुमी के बीच हुई बैठक ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को नई दिशा दी। दोनों नेताओं ने “जापान-भारत विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” के तहत रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति जताई।
बैठक में समुद्री सुरक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत भारतीय नौसेना और जापान समुद्री आत्मरक्षा बल के बीच सूचना साझा करने, खोज एवं बचाव (SAR), मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। साथ ही, पोत मरम्मत समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर भी सहमति बनी।
दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय अभ्यासों को और गहन बनाने पर जोर दिया। इस वर्ष होने वाले वायु सेना अभ्यास “वीर गार्डियन 26” में जापान वायु आत्मरक्षा बल के लड़ाकू विमान पहली बार भारत आएंगे। इसके अलावा “धर्म संरक्षक” (सेना) और “जिमेक्स” (नौसेना) जैसे अभ्यासों को भी और व्यापक बनाने पर सहमति बनी।
बैठक में रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने जहाज पर तैनात यूनिकॉर्न एकीकृत संचार एंटीना प्रणाली परियोजना को शीघ्र साकार करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, नौसेना पोत निर्माण और डिजाइन में संयुक्त विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
भारत-जापान-इंडोनेशिया की पहली त्रिपक्षीय नौसैनिक पैसेज एक्सरसाइज का स्वागत करते हुए, दोनों मंत्रियों ने तीसरे देशों के साथ सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई। इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क (IPLN) के तहत आपदा की स्थिति में साझेदार देशों को सहायता प्रदान करने पर भी चर्चा हुई।
दोनों देशों ने इस वर्ष टोक्यो में चौथी “2+2” विदेश और रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित करने की दिशा में तेजी लाने पर सहमति जताई। साथ ही, महानिदेशक/संयुक्त सचिव स्तर पर एक कार्य समूह स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जो परिचालन, खुफिया, उपकरण और औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग को समन्वित करेगा।

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