‘सैफ्रन सर्ज’ संघर्ष, सेवा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दस्तावेज: डॉ. शैलेंद्र

देहरादून । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) उत्तराखंड के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि ‘सैफ्रन सर्ज’ पुस्तक में संघ की संगठनात्मक यात्रा, संघर्ष, सेवा गतिविधियों और भारतीय सांस्कृतिक चेतना से जुड़े विभिन्न पहलुओं को एक ऐतिहासिक दस्तावेज के रूप में पिरोया गया है। यह पुस्तक संघ के सामाजिक विस्तार से लेकर भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण तक के विभिन्न पक्षों को गहराई से समझने का माध्यम है।

डॉ. शैलेंद्र गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय द्वारा लिखित पुस्तक ‘सैफ्रन सर्ज’ के विमोचन समारोह को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। करीब 299 पृष्ठों की इस पुस्तक में हिंदुत्व, राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक परिवर्तन और ऐतिहासिक व समकालीन व्यक्तित्वों के योगदान का उल्लेख किया गया है।

अपने संबोधन में डॉ. शैलेंद्र ने बंगाल और पूर्वोत्तर भारत (असम, अरुणाचल, नागालैंड, मिजोरम) में संघ के संगठनात्मक प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मणिपुर हिंसा के दौरान स्वयंसेवकों ने प्रभावित समुदायों के बीच निष्पक्ष राहत कार्य किए। असम में कार्यकर्ताओं के अपहरण व हत्या तथा ओडिशा में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या जैसी अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद संघ के सेवा कार्य कभी नहीं रुके। वर्तमान में देशभर में संघ द्वारा दो लाख से अधिक सेवा गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने संस्कृत व प्राचीन शिक्षा केंद्रों (नालंदा, तक्षशिला) को भारत की बौद्धिक विरासत बताते हुए नई पीढ़ी तक ज्ञान परंपरा पहुंचाने पर बल दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी ने कहा कि सभ्यतागत अस्मिता को मजबूत करने के लिए अपनी भाषाओं और मूल विचारों से जुड़ना आवश्यक है। उन्होंने औपनिवेशिक शिक्षा व्यवस्था के प्रभावों को समझने और हिंदुत्व को केवल कर्मकांड तक सीमित न रखकर ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के व्यापक मानवीय दृष्टिकोण से देखने का आह्वान किया।

राष्ट्रवादी विचार नई पीढ़ी तक पहुंचेंगे: महेंद्र भट्ट

विशिष्ट अतिथि, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि विविध खान-पान और भाषाओं के बावजूद भारत को देश के प्रति साझा भावना एक सूत्र में बांधती है। ऐसी पुस्तकें राष्ट्रवादी विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाती हैं। वहीं, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने पुस्तक को विचारों को दिशा देने वाला बताया और लेखक तरुण विजय से इसका हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद कराने का आग्रह किया।

सांस्कृतिक चेतना में बदलाव का संकेत: तरुण विजय

लेखक तरुण विजय ने कहा कि ‘सैफ्रन सर्ज’ आरएसएस, हिंदुत्व और हिंदू सांस्कृतिक चेतना के बढ़ते प्रभाव को समझने का प्रयास है। यह पुस्तक स्वयंसेवकों के संघर्ष, बलिदान और बदलते सामाजिक परिदृश्य को सामने रखती है।

कार्यक्रम का संचालन गजेंद्र खंडूडी ने किया तथा संयोजन मुख्यमंत्री के जनसम्पर्क अधिकारी राजेश सेठी ने किया। इस अवसर पर प्रकाशक आलोक गोस्वामी, क्षेत्र प्रचार प्रमुख तपन, प्रांत व्यवस्था प्रमुख नीरज मित्तल, विभाग प्रचारक धनंजय, विभाग कार्यवाह रविंद्र चौहान, अरुण शर्मा और मनीष बागड़ी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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