

देहरादून। उत्तराखंड में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग ने आज डिजिटल सेवाओं की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए “आयुष सेतु पोर्टल” का शुभारंभ किया। निदेशालय आयुर्वेद एवं यूनानी सेवाएं, देहरादून परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मंत्री श्री कौशिक तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग की सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु उपस्थित रहीं। इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं देहरादून, निदेशक होम्योपैथिक सेवाएं देहरादून, राज्य औषधि अनुज्ञापन अधिकारी डॉ. मिथिलेश, डॉ. जे. एन. नौटियाल, उत्तराखंड भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष सहित शासन-प्रशासन के गणमान्य जन भी मौजूद रहे।
आयुष सेतु पोर्टल के शुभारंभ के साथ ही राज्य में आयुष विभाग ने डिजिटल युग में औपचारिक प्रवेश कर लिया है। यह पोर्टल योग नीति 2025, आयुष नीति 2023 तथा वेलनेस नीति के अंतर्गत मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं और प्रोत्साहनों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। पोर्टल पर पंजीकरण व प्रमाणीकरण, प्रोत्साहन प्रतिपूर्ति, अनुदान वितरण हेतु ऑनलाइन आवेदन, तथा वेलनेस सेंटरों के लिए स्टार रेटिंग जैसे फीचर प्रमुख आकर्षण हैं। इससे आयुष सेवाओं की पारदर्शिता, सुगमता और समयबद्धता में वृद्धि होगी तथा हितधारकों—चिकित्सकों, संस्थानों और नागरिकों—को त्वरित लाभ मिलेगा।

पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं:
- पंजीकरण एवं प्रमाणीकरण की ऑनलाइन सुविधा
- योग नीति 2025 व आयुष नीति 2023 के अंतर्गत प्रोत्साहन प्रतिपूर्ति
- अनुदान वितरण हेतु सरल, पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया
- वेलनेस सेंटरों के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली
- सभी सेवाओं का एकीकृत, उपयोगकर्ता-मित्र प्लेटफॉर्म
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आयुष सेतु पोर्टल राज्य में समग्र स्वास्थ्य तंत्र को सुदृढ़ करेगा, वेलनेस इकोसिस्टम को गति देगा और नीति-आधारित प्रोत्साहनों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं ट्रैक योग्य बनाएगा। इससे उद्यमियों और सेवा प्रदाताओं को बेहतर अवसर मिलेंगे, वहीं आम जनता को गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं अधिक सुलभ होंगी।
इच्छुक नागरिक, संस्थान और सेवा प्रदाता www.ayushwellness.uk.gov.in पर लॉगिन कर आयुष सेतु पोर्टल से जुड़ सकते हैं और उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। राज्य सरकार ने सभी संबंधित पक्षों से पोर्टल पर शीघ्र पंजीकरण कर नीति-आधारित सुविधाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया है।

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