

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बड़े फैसले लिए गए। करीब 11 बजे शुरू हुई बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा, सैनिक कल्याण और कर्मचारियों से जुड़े मामलों को लेकर अहम निर्णय लिए।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से फैसलों की जानकारी दी। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, सतपाल महाराज, राम सिंह कैड़ा, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल और प्रदीप बत्रा मौजूद रहे।
सहकारिता नीति को मंजूरी
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2026 के अनुरूप उत्तराखंड की नई सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दे दी। इससे प्रदेश में सहकारी क्षेत्र को नई दिशा देने और इसे राष्ट्रीय नीति के अनुरूप विकसित करने का रास्ता साफ होगा।
सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में राहत जारी
परिवहन क्षेत्र में उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी दी गई। सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में मिल रही छूट को जारी रखने का फैसला किया गया है। हालांकि, हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही राहत वापस ले ली गई है।
कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि देश के अन्य राज्यों की ईवी नीतियों का अध्ययन करने के बाद उत्तराखंड के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकी संवर्ग को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही औषधियों और सर्जिकल सामग्री की खरीद व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को भी मंजूरी दी गई है।
मुख्य सचिव की अगुवाई में गठित होने वाला यह कॉरपोरेशन दवाओं, सर्जिकल सामग्री और रसायनों की खरीद करेगा।
इसके अलावा राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
लोकायुक्त और आबादी सर्वेक्षण से जुड़े प्रस्ताव मंजूर
उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम-2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को मंजूरी दी गई।
वहीं, प्रदेश में आबादी सर्वेक्षण से जुड़े अभिलेखों के लिए उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली-2026 को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।
काठबंगला की मलिन बस्ती के लोगों को राहत
देहरादून में रिस्पना नदी के किनारे काठबंगला क्षेत्र में बनाए गए 116 आवासों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी फैसला हुआ। इन आवासों के लिए मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब राज्य सरकार वहन करेगी। इससे संबंधित लाभार्थियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों को मंजूरी
शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से जुड़े कार्यों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। सरकार का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट का रास्ता साफ
ऋषिकेश में अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से प्रस्तावित कैंसर इंस्टीट्यूट को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। परियोजना के लिए स्टांप ड्यूटी में छूट देने का निर्णय भी लिया गया है।
उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के कर्मचारियों का समायोजन
उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को प्रदेश के अन्य विभागों में समायोजित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी है।
वेतन नियमावली में संशोधन
कार्मिक विभाग की वेतन नियमावली में आंशिक संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत मंजूरी प्रदान की गई।
उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला
सैनिक कल्याण विभाग के तहत कार्यरत उपनल कर्मचारियों के लिए कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ तीन चरणों में दिए जाने का निर्णय हुआ है।
एक जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा। स्वीकृत पदों के सापेक्ष जहां उपनल कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आवश्यकता के अनुसार नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा।
इसके अलावा परिवर्तनीय महंगाई भत्ते का लाभ देने और नए पद सृजित न होने की स्थिति में कर्मचारियों के समायोजन का प्रावधान भी किया गया है।
अग्निवीरों के लिए बनेगा विशेष प्रकोष्ठ
सेवा से मुक्त होकर वापस लौटने वाले अग्निवीरों के लिए विशेष समर्पित प्रकोष्ठ गठित किया जाएगा। प्रकोष्ठ के संचालन के लिए छह पदों को मंजूरी दी गई है। इससे सैन्य सेवा पूरी करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार से जुड़े मामलों पर बेहतर समन्वय की उम्मीद है।
अदानी ग्रुप को 1320 मेगावाट का पावर प्रोजेक्ट
कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा रहा। प्रदेश के ऊर्जा विभाग के 1320 मेगावाट क्षमता वाले कोयला आधारित पावर प्लांट को अदानी ग्रुप को दिए जाने को मंजूरी दी गई है।
बताया गया कि छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक का आवंटन हो चुका है और अदानी पावर इस परियोजना को स्थापित करेगी। परियोजना को 25 वर्षों के लिए दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
17 फैसलों से विकास और रोजगार पर जोर
धामी कैबिनेट के इन फैसलों में एक ओर प्रदेश की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों, युवाओं, अग्निवीरों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्राथमिकता दी गई। ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पावर प्रोजेक्ट की मंजूरी को भी राज्य के लिए महत्वपूर्ण औद्योगिक और आर्थिक फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर कैबिनेट के फैसलों में सड़क और शहरी विकास, स्वास्थ्य, परिवहन, सहकारिता, शिक्षा, ऊर्जा, रोजगार, उपनल कर्मचारियों और अग्निवीरों से जुड़े विषय प्रमुख रहे।

Recent Comments