

हल्द्वानी । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार, हल्द्वानी में उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास कर दिया। मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ किया, जिसे प्रदेश के खेल इतिहास में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल थे, जिनके विजन को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार उत्तराखण्ड को ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया। उन्होंने वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार तथा लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किया, जबकि वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न, मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य, मुकेश चन्द्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट और दिव्यांग शूटर शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार से नवाजा। इसके अलावा मॉडर्न पैंटाथलॉन में सक्षम प्रताप सिंह, ममता खाती तथा बॉक्सिंग में खुशी चंद को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार दिए गए। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई, जिसे उन्होंने उभरती प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक खेल शिक्षा और विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों को अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना से उन्हें देवभूमि में ही उच्च स्तरीय खेल शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, खेल विकास निधि और आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन जैसी कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। प्रदेश में खेलों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है, जिसमें लोहाघाट में प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज, 23 नई हाईटेक खेल अकादमियां और ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2027 के राष्ट्रीय खेलों में अधिकतम पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जबकि ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ के माध्यम से उदीयमान खिलाड़ियों का फिटनेस मूल्यांकन नियमित रूप से किया जाएगा।

कार्यक्रम में खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, विधायक राम सिंह कैड़ा, सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर अजय भट्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक श्रीमती सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दरमवाल, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा, ध्रुव रौतेला, सुरेश भट्ट, श्रीमती रेनू अधिकारी, हुकुम सिंह कुंवर, दीपक माहरा, कुलदीप बुटोला, मोहन पाठक, उत्तराखण्ड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित कुमार सिन्हा, कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी श्रीमती निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, निदेशक खेल श्रीमती दीप्ति सिंह, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डे सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

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