यूपीसीएल में पहली बार व्यापक स्तर पर हुई ‘कमर्शियल डायरी ’ कार्यशाला, एमडी पीसी ध्यानी ने मौके पर सुलझाईं फील्ड अधिकारियों की समस्याएं

देहरादून । उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में वाणिज्यिक एवं राजस्व कार्यों में आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करने की दिशा में पहली बार व्यापक स्तर पर ‘कमर्शियल डायरी ’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें प्रदेश के विभिन्न डिवीजनों में फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और कार्मिकों ने प्रतिभाग किया। खास बात यह रही कि यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने पूरे दिन कार्यशाला में मौजूद रहकर अधिकारियों की व्यावहारिक समस्याओं को सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कार्यशाला में डिविजनल अकाउंटेंट (रेवेन्यू), असिस्टेंट अकाउंट ऑफिसर, अकाउंट ऑफिसर, सीनियर अकाउंट ऑफिसर, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर (रेवेन्यू) सहित विभिन्न स्तरों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य Commercial Diary तैयार करने के दौरान फील्ड स्तर पर सामने आने वाली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक दिक्कतों को दूर करना और ऊर्जा व राजस्व से जुड़े आंकड़ों के संकलन में एकरूपता कायम करना रहा।

एमडी पीसी ध्यानी ने कहा कि Commercial Diary महज एक नियमित कार्यालयी प्रक्रिया नहीं, बल्कि यूपीसीएल के ऊर्जा और राजस्व संबंधी वास्तविक आंकड़ों के संकलन एवं समेकन का महत्वपूर्ण आधार है। इसमें दर्ज आंकड़ों का सीधा प्रभाव निगम की रिपोर्टिंग, ऊर्जा लेखांकन, राजस्व विश्लेषण और प्रबंधन स्तर पर लिए जाने वाले निर्णयों पर पड़ता है। ऐसे में आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि फील्ड स्तर पर हुई छोटी-सी प्रक्रियात्मक गलती भी आगे चलकर समेकित आंकड़ों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्यशाला में उन छोटे-छोटे बिंदुओं पर विशेष चर्चा की गई, जहां सामान्यतः अनजाने में त्रुटियां होने की संभावना रहती है। Energy Input, Energy Consumption, Revenue, Billing और Collection समेत अन्य वाणिज्यिक आंकड़ों को दर्ज करने में बरती जाने वाली सावधानियों और फील्ड से कॉरपोरेट कार्यालय तक आंकड़ों के बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

एमडी ने Corporate Office से जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने निर्धारित कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहकर जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ दायित्वों का निर्वहन करें। किसी प्रक्रिया अथवा निर्देश के अनुपालन में व्यावहारिक कठिनाई आने पर उसे लंबित रखने के बजाय तत्काल उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।

कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ अधीक्षण अभियंताओं और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने Commercial Diary से जुड़ी प्रक्रियाओं, फील्ड में बरती जाने वाली सावधानियों और आमतौर पर होने वाली त्रुटियों के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण में केवल नियम-कायदों तक सीमित रहने के बजाय वास्तविक फील्ड परिस्थितियों और रोजमर्रा के कामकाज में आने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिन पर वरिष्ठ अधिकारियों ने समाधान और मार्गदर्शन दिया।

एमडी पीसी ध्यानी ने कहा कि “सही आंकड़ा, सही रिपोर्ट और बेहतर निर्णय” की दिशा में Commercial Diary की गुणवत्ता में सुधार बेहद जरूरी है। फील्ड से प्रमाणिक और सही आंकड़े मिलने पर ही निगम की वास्तविक स्थिति का आकलन संभव होगा और उसी आधार पर प्रभावी रणनीति तैयार की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं प्रशिक्षण के साथ-साथ फील्ड और कॉरपोरेट स्तर के बीच संवाद मजबूत करने का भी माध्यम हैं।

यूपीसीएल में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर आयोजित इस कार्यशाला को निगम की Commercial Accounting, Reporting और Performance Monitoring को अधिक प्रभावी बनाने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विशेष रूप से एमडी द्वारा पूरे दिन कार्यशाला में उपस्थित रहकर अधिकारियों की समस्याएं सुनने और यथासंभव उनका तत्काल समाधान करने से इसे व्यावहारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि कार्यशाला में मिली जानकारी को अपने कार्यक्षेत्र में लागू कर Commercial Diary की गुणवत्ता, शुद्धता और जवाबदेही को और बेहतर बनाएंगे।

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