7 मोड़’ रोड के नाम पर दून में 4000 पेड़ काटने की साजिश: पत्रकारों ने दी ललकार, बोले- पहाड़ अब चुप नहीं बैठेगा

पार्थ रतूड़ी ने सरकार पर साधा निशाना, अभिषेक भट्ट बोले- प्रकृति हिसाब लेगी

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में ‘विकास’ के नाम पर हो रहे पर्यावरण विनाश के खिलाफ आज जनाक्रोश सड़कों पर उतर आया। ‘7 मोड़’ रोड चौड़ीकरण परियोजना की आड़ में सरकार द्वारा करीब 4,000 हरे-भरे पेड़ों को काटे जाने की तैयारियों के विरोध में जागरूक नागरिकों के साथ-साथ मीडिया जगत के युवा पत्रकार भी मोर्चे पर डट गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस पहाड़ को देवभूमि कहा जाता है, उसी के सीने पर सरकारी आरी चलाकर प्रकृति का कत्लेआम किया जा रहा है।

इस विरोध प्रदर्शन में 18 वर्षीय युवा पत्रकार पार्थ रतूड़ी सबसे आगे नजर आए। उन्होंने सत्ता के गलियारों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जनता नेताओं को कुर्सी दी थी, लेकिन अब उन्हें वह लकड़ी रास नहीं आ रही। इसलिए अपने नए आलीशान ‘सिंहासन’ के लिए हजारों पेड़ों की बलि दी जा रही है। पार्थ ने रैलियों में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ और पेड़ बचाने जैसे गंभीर मुद्दे पर सिर्फ मुट्ठी भर लोगों के खड़े होने के विरोधाभास पर तीखा आक्रोश जताया। उन्होंने वन सचिव, वन मंत्री और HoFF से मांग की कि वे इस विनाशकारी विषय पर तुरंत संज्ञान लेकर कटान पर रोक लगाएं।

वहीं तेजतर्रार पत्रकार अभिषेक भट्ट ने गरजते हुए कहा कि ये पेड़ सिर्फ लकड़ी का ढांचा नहीं हैं, बल्कि ये देवभूमि का अभेद्य सुरक्षा कवच हैं। उन्होंने सरकार को चेताया कि सीमेंट और कंक्रीट के जंगल तो खड़े किए जा सकते हैं, लेकिन जब प्रकृति अपना हिसाब मांगती है तो बड़े-बड़े साम्राज्य भी ताश के पत्तों की तरह ढह जाते हैं। अभिषेक ने कहा कि अगर आज इन 4,000 पेड़ों की चीख नहीं सुनी गई तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी।

इस पर्यावरणीय महायज्ञ में पत्रकार अजय नेगी, पत्रकार विपिन बरवान और आशुतोष कोठारी भी कंधे से कंधा मिलाकर आखिरी दम तक डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जहां पहाड़ों में अस्पताल, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की सख्त जरूरत है, वहां सरकार उस ओर ध्यान देने के बजाय प्रकृति को उजाड़ने में लगी है। उन्होंने साफ कहा कि यदि पेड़ों की कटाई नहीं रोकी गई तो पहाड़ अब चुप नहीं बैठेगा और यह आंदोलन और तेज होगा।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments