
उत्तरकाशी। दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र से लापता हुई 24 वर्षीय युवती बबीता पाण्डे की तलाश में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी तथा अन्य एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड शासन, पुलिस मुख्यालय एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अभियान की लगातार समीक्षा की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में एक ओर युवती की तलाश के लिए व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मामले के संभावित आपराधिक पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है। खोज एवं बचाव अभियान की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक उत्तरकाशी जनक सिंह पंवार तथा जांच की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार 30 मई की रात लगभग पौने आठ बजे सूचना मिली कि बबीता पाण्डे दयारा बुग्याल ट्रेक स्थित गोई बेस कैंप क्षेत्र से लापता हो गई हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमों ने खोज अभियान शुरू कर दिया था।

31 मई से लगातार चल रहे अभियान में स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग, आपदा प्रबंधन की टीमें, स्थानीय निवासी, गाइड, पोर्टर तथा परिजन जुटे हुए हैं। युवती की तलाश के लिए ड्रोन, श्वान दल और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा आईटीबीपी, भारतीय सेना तथा नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) की टीमें भी अभियान में शामिल हैं।
एसडीआरएफ की डीप डाइविंग टीम ने गोई बेस कैंप के समीप झील और दलदली क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान चलाया है। वहीं रविवार को हेलीकॉप्टर के माध्यम से दयारा ट्रेक और आसपास के क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर खोज अभियान को और तेज किया गया। पुलिस द्वारा दयारा बुग्याल और रैथल क्षेत्र के होटल, गेस्ट हाउस, ठहराव स्थलों की जांच, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण तथा अगोड़ा-डोडीताल मार्ग पर भी व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बबीता पाण्डे 29 मई को अपने दो साथियों हरमनपाल सिंह और हरमनप्रीत सिंह के साथ दयारा ट्रेक पर गई थीं। तीनों 25 मई को रामनगर से उत्तरकाशी भ्रमण पर आए थे और देहरादून, हर्षिल, रैथल तथा गोई सहित विभिन्न स्थानों पर रुके थे। 29 मई की रात तीनों गोई बेस कैंप में ठहरे थे, जहां से बबीता अचानक लापता हो गईं।
31 मई को परिजनों की तहरीर पर हरमनपाल सिंह और हरमनप्रीत सिंह के खिलाफ मनेरी कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले के खुलासे और युवती की तलाश के लिए पुलिस एवं सर्विलांस टीम गठित की गई है।

पुलिस अब तक 100 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें ट्रेकर्स, दोस्त, परिजन, गाइड, टेंट एवं छानियों में ठहरने वाले लोग, बकरवाल, घोड़ा-खच्चर संचालक, पोर्टर और स्थानीय निवासी शामिल हैं। दयारा ट्रेक के वासूय, रैथल और नटीण मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा सभी संभावित रास्तों और पगडंडियों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
उत्तरकाशी पुलिस का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। युवती की तलाश के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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