

देहरादून। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से गुजरने वाली प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार से पारदर्शिता बरतने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन उन्हें पर्यावरणीय मानकों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
शनिवार को देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में आम आदमी पार्टी के युवा प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु पुंडीर ने कहा कि वन क्षेत्र में किसी भी निर्माण परियोजना के लिए निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य होता है। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि परियोजना के लिए वन भूमि उपयोग, पर्यावरणीय स्वीकृति तथा अन्य आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की गई हैं या नहीं। यदि सभी मंजूरियां मिल चुकी हैं तो उनसे संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं, ताकि लोगों के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे।
पार्टी की महानगर अध्यक्ष दीप्ति रावत ने कहा कि संरक्षित वन क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय समय-समय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश दे चुका है। ऐसे में सरकार को यह बताना चाहिए कि प्रस्तावित परियोजना में सभी कानूनी और पर्यावरणीय शर्तों का पालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जा रहा है।
आप नेताओं ने कहा कि देहरादून-ऋषिकेश मार्ग का सात मोड़ क्षेत्र वन्यजीवों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। उनके अनुसार यह इलाका हाथियों, बाघों और अन्य वन्यजीवों के आवागमन का महत्वपूर्ण कॉरिडोर है। इसलिए सड़क चौड़ीकरण के दौरान पर्यावरणीय प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन, वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए अंडरपास, इको-डक्ट जैसी संरचनाओं का निर्माण तथा प्रभावी प्रतिपूरक वनीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रेस वार्ता में पार्टी ने यह आरोप भी लगाया कि पर्यावरणीय और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाने वाले कुछ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और ऐसे मामलों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।
पार्टी ने सरकार से आग्रह किया कि परियोजना से संबंधित सभी स्वीकृतियों, पर्यावरणीय आकलन रिपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं, ताकि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी लोगों का विश्वास बना रहे।

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