पूर्व इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ करेंगे उद्घाटन, सीएम धामी होंगे केलकर युवा पुरस्कार समारोह के मुख्य अतिथि; रानी अब्बक्का कलश यात्रा, बिरसा संदेश यात्रा और गुरु तेग बहादुर के पवित्र जल के संग शुरू होगा तीन दिवसीय महासम्मेलन
देहरादून। देवभूमि उत्तराखण्ड पहली बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन की मेज़बानी करने जा रहा है। आगामी 28 से 30 नवंबर तक देहरादून के परेड ग्राउंड में अस्थायी रूप से बसाए गए भव्य ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ में यह राष्ट्रीय आयोजन होगा, जिसमें देशभर से 1500 से अधिक प्रतिनिधि—विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षाविद, पूर्णकालिक कार्यकर्ता तथा प्रमुख विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ पदाधिकारी—शामिल होंगे।
भगवान बिरसा मुंडा नगर में तैयारियां पूरी, मुख्य सभागार का नाम CDS जनरल बिपिन रावत के नाम पर
अभाविप ने इस अधिवेशन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। परिसर में विभिन्न कार्यक्रमों, सत्रों और प्रदर्शनी का आयोजन होगा। अधिवेशन के मुख्य सभागार को उत्तराखण्ड के वीर सपूत, भारतीय सेना के प्रथम CDS जनरल बिपिन रावत के नाम से समर्पित किया गया है, जिसे विशेष रूप से आकर्षक और भव्य सज्जा से तैयार किया गया है।
बिरसा संदेश यात्रा, रानी अब्बक्का कलश यात्रा और गुरु तेग बहादुर के बलिदान स्थल का पवित्र जल पहुंचेगा अधिवेशन में
अधिवेशन से पूर्व चल रही तीन महत्वपूर्ण यात्राएँ विशेष आकर्षण का केंद्र हैं—
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर झारखण्ड के उलिहातु से निकलकर भगवान बिरसा संदेश यात्रा,
रानी अब्बक्का की 500वीं birth anniversary के अवसर पर कर्नाटक से आरंभ हुई रानी अब्बक्का कलश यात्रा,
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर दिल्ली स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से लाया जा रहा पवित्र जल।
ये सभी यात्राएँ अधिवेशन के उद्घाटन अवसर पर एक साथ पहुँचकर राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश देंगी।
पूर्व ISRO अध्यक्ष एस. सोमनाथ करेंगे अधिवेशन का उद्घाटन
28 नवंबर को होने वाले उद्घाटन सत्र में देश के विख्यात वैज्ञानिक एवं इसरो के पूर्व अध्यक्ष श्री एस. सोमनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। यह सत्र युवाओं को विज्ञान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करेगा।
प्रा. यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार से सम्मानित होंगे श्रीकृष्ण पाण्डेय; सीएम धामी होंगे मुख्य अतिथि
अधिवेशन में अभाविप के संगठन शिल्पी प्रा. यशवंतराव केलकर की स्मृति में स्थापित प्रतिष्ठित युवा पुरस्कार का वितरण भी किया जाएगा।
इस वर्ष यह सम्मान समाज कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गोरखपुर के श्रीकृष्ण पाण्डेय को प्रदान किया जाएगा।
पुरस्कार समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे, जो युवाओं को समाज और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेंगे।

शिक्षा, समाज, पर्यावरण, सेवा और तकनीकी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर होगा गहन मंथन; पारित होंगे प्रस्ताव
तीन दिवसीय अधिवेशन के दौरान शिक्षा, समाज, पर्यावरण, सेवा, खेल और तकनीकी जैसे समसामयिक विषयों पर अनेक सत्र होंगे।
देशभर से प्राप्त विभिन्न सुझावों और प्रस्तावों पर प्रस्ताव समिति द्वारा विस्तृत चिंतन–मनन किया जाएगा और इन्हें अधिवेशन के माध्यम से पारित किया जाएगा। यह प्रक्रिया छात्र हित, राष्ट्रहित और सामाजिक उत्तरदायित्व के व्यापक बिंदुओं को शामिल करेगी।
महारानी अब्बक्का प्रदर्शनी’—अधिवेशन की भव्य झांकी
अधिवेशन का एक विशेष आकर्षण ‘महारानी अब्बक्का प्रदर्शनी’ है, जिसका उद्घाटन आचार्य बालकृष्ण करेंगे।
इस प्रदर्शनी में—
अभाविप का विचार वृक्ष,संगठन के राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय अभियान,स्वतंत्रता संग्राम के महानायक,संस्कृति पुनर्जागरण की विभूतियाँ,और विशेष रूप से रानी अब्बक्का के अदम्य साहस व शौर्य
को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
यह राष्ट्रीय अधिवेशन उत्तराखण्ड के लिए भी गौरव का अवसर: डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा
“अभाविप का 71वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन इसलिए भी अत्यंत विशेष है क्योंकि देवभूमि उत्तराखण्ड पहली बार इस आयोजन की मेजबानी कर रहा है। इस आयोजन की तैयारी में सैकड़ों कार्यकर्ता जुटे हैं, जो देशभर से आने वाले प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे। यह अधिवेशन शिक्षा, समाज, पर्यावरण, सेवा, तकनीकी एवं खेल जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चिंतन का मंच बनेगा और राष्ट्रहित तथा छात्रहित के अनेक प्रस्ताव पारित होंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि देहरादून के परेड ग्राउंड में बसाए गए भगवान बिरसा मुंडा नगर में उत्तराखण्ड की विशिष्ट संस्कृति, स्वतंत्रता सेनानियों और पुण्यात्माओं को सम्मानजनक स्थान दिया गया है, जो निश्चित रूप से युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को प्रबल करेगा।
अभाविप का यह भव्य राष्ट्रीय अधिवेशन देवभूमि में राष्ट्रवाद, शिक्षा सुधार, सामाजिक दायित्व और सांस्कृतिक चेतना का संगम बनने जा रहा है। देशभर से आने वाले प्रतिनिधि यहाँ से प्रेरणा लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में राष्ट्र प्रथम के संकल्प को लेकर आगे बढ़ेंगे।

Recent Comments