मध्य-पूर्व संकट के बीच ‘प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियम आदेश 2026’ लागू, जिले में 10 एजेंसियों और होटलों पर छापेमारी
देहरादून । मध्य-पूर्व एशिया (Middle-East) में जारी संघर्ष के कारण प्राकृतिक गैस शिपमेंट में आए व्यवधान और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने के मद्देनजर भारत सरकार ने ‘प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियम आदेश 2026’ को प्रभावी ढंग से लागू कर दिया है। इसके अनुपालन में जिलाधिकारी देहरादून के निर्देशों पर शुक्रवार को जिला प्रशासन और पूर्ति कार्यालय की संयुक्त टीमों ने जनपद भर में सघन छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान गैस की जमाखोरी, अवैध रिफिलिंग और घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई।
प्रशासनिक टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र की तीन गैस एजेंसियों पर छापेमारी की। खदरी श्यामपुर में निरीक्षण के दौरान एक वाहन के भीतर 37 सिलेंडर पाए गए, जिनसे अवैध रूप से रिफिलिंग की जा रही थी। मौके से अमन चौहान (निवासी फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसका साथी मुकेश कुमार चौहान (निवासी कासगंज, उत्तर प्रदेश) मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना ऋषिकेश में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर ली है।
छापेमारी के दौरान जनपद के विभिन्न होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंटों की जांच की गई। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग पाए जाने पर टीम ने 12 सिलेंडर जब्त कर उन्हें नजदीकी गैस एजेंसियों की सुपुर्दगी में दे दिया। वहीं, सहसपुर क्षेत्र में 5 गैस एजेंसियों और पौंधा स्थित 6 प्राइवेट पीजी (पेइंग गेस्ट) का औचक निरीक्षण किया गया। ‘गार्जन गर्ल्स हॉस्टल’ में घरेलू सिलेंडर का उपयोग होता पाए जाने पर उसे तत्काल जब्त किया गया। प्रशासन ने सभी हॉस्टल प्रबंधकों को सख्त चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत प्राकृतिक गैस, पीएनजी और सीएनजी का समान वितरण सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। जिले में किसी भी स्तर पर गैस की कालाबाजारी या व्यपवर्तन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आपूर्ति को निरंतर बनाए रखने के लिए टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय रहेंगी।
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