देहरादून, 14 अगस्त। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) की पुष्टि होने के बाद देहरादून जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुख्य निर्देश और प्रतिबंध:
- जिंदा मुर्गों, अंडों और मांस पर रोक: उत्तर प्रदेश से सटी देहरादून की सभी सीमाओं पर चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। अगले आदेश तक बाहर से आने वाले जिंदा मुर्गों, मुर्गों के मांस और अंडों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
- रैंडम सैंपलिंग: पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह तीन दिनों के भीतर जिले के सभी 170 पोल्ट्री फार्मों से मुर्गियों के रैंडम सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे।
- निगरानी: वन विभाग को तालाबों, झीलों और नदियों के पास रहने वाले पक्षियों पर नजर रखने को कहा गया है। यदि कोई पक्षी मृत या बीमार पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को दी जाएगी।

- अवैध मीट की दुकानें: अनाधिकृत रूप से संचालित हो रही मीट की दुकानों को तत्काल सील करने का निर्देश दिया गया है।
- जागरूकता अभियान: सभी एसडीएम, पशु चिकित्सा अधिकारियों और नगर निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों में पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन और मांस व्यापारियों के साथ बैठक कर बर्ड फ्लू के प्रति जागरूक करने के लिए कहा गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले के किसी भी पोल्ट्री फार्म में अभी तक बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, इसलिए फिलहाल यहां के पोल्ट्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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