दिल्ली (PIB) देश में नशा-मुक्त भारत के लक्ष्य को लेकर एक बड़ा कदम उठने जा रहा है। 16 सितंबर को नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिसका विषय रखा गया है – “संयुक्त संकल्प, साझा जिम्मेदारी”।
सम्मेलन के दौरान अमित शाह NCB की वार्षिक रिपोर्ट-2024 जारी करेंगे और ऑनलाइन ड्रग विनष्टीकरण अभियान की शुरुआत भी करेंगे। दो दिवसीय इस आयोजन में देश के सभी 36 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के ANTF प्रमुखों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा-मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह सम्मेलन एक रणनीतिक मंच प्रदान करेगा। इसमें मादक पदार्थों की आपूर्ति, मांग और नुकसान कम करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा निहितार्थों और कानून प्रवर्तन के उपायों पर भी विचार-विमर्श होगा।
मुख्य चर्चाएं
कार्यक्रम के दौरान छह तकनीकी सत्र होंगे, जिनमें शामिल हैं:
- नशा-मुक्त भारत @ 2047 – होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच
- एकीकृत जांच – टॉप टू बॉटम/बॉटम टू टॉप अप्रोच
- भगोड़ों पर नजर और विदेशी अपराधियों का प्रबंधन
- प्रीकर्सर, सिंथेटिक ड्रग्स और क्लेन लैब्स
- डार्क वेब और क्रिप्टो जांच
- वैश्विक तस्करी में मल्टी-मोडल कार्यप्रणाली
इन चर्चाओं का मकसद नशे की समस्या से सामूहिक और तकनीकी समाधान तैयार करना है ताकि प्रौद्योगिकी, खुफिया जानकारी और सामुदायिक सहयोग के जरिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
सरकार की सख्त नीति
मोदी सरकार पहले ही मादक पदार्थों के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति पर जोर दे चुकी है। 2021 में अमित शाह ने सभी राज्य सरकारों और केन्द्रशासित प्रदेशों को समर्पित एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में अप्रैल 2023 में पहले राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ था और इस बार दूसरे सम्मेलन के जरिए भविष्य की ठोस कार्ययोजना पर मंथन होगा।

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