अंकिता हत्याकांड: पूर्व विधायक सुरेश राठौर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

नैनीताल/देहरादून।उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी प्रकरण में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को फिलहाल अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार और शिकायतकर्ताओं से चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।​

नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने सुरेश राठौर की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख तक किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई (गिरफ्तारी आदि) पर अंतरिम रोक लगा दी।अदालत ने कहा है कि अब सभी पक्षों के जवाब मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्यवाही और अंतिम निर्णय होगा।

सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून में कुल चार एफआईआर दर्ज हैं, जो कथित वीआईपी का नाम उजागर करने और इससे जुड़े सोशल मीडिया कंटेंट से संबंधित हैं।हाईकोर्ट ने इनमें से दो मामलों में गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई है, जबकि सभी एफआईआर को निरस्त करने की मांग वाली याचिकाएं विचाराधीन हैं।

कोर्ट ने राज्य सरकार के साथ‑साथ शिकायतकर्ताओं आरती गौड़ और धर्मेंद्र कुमार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।अगली सुनवाई में दोनों पक्षों के तर्क सुनकर अदालत तय करेगी कि एफआईआर को लेकर आगे क्या आदेश जारी किया जाए।

यह पूरा मामला अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ के नाम को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आए ऑडियो‑वीडियो और बयानों से जुड़ा है, जिसके बाद पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अन्य के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई थीं।​

हाल में जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों और एसआईटी सदस्य ने भी यह कहा है कि हत्या की वारदात में किसी वीआईपी की संलिप्तता के ठोस साक्ष्य नहीं मिले।

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