​अंकिता हत्याकांड: 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का ऐलान, CBI जांच की मांग तेज

देहरादून। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की 2022 में हुई हत्या के मामले में तीन साल बाद एक बार फिर आक्रोश भड़क उठा है। वायरल ऑडियो-वीडियो में कथित ‘वीआईपी’ की संलिप्तता के आरोपों ने पूरे राज्य को हिला दिया है। देहरादून से कुमाऊं तक सड़कों पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जबकि प्रदर्शनकारियों ने 11 जनवरी को पूर्ण उत्तराखंड बंद का ऐलान किया है।

2022 में रिसॉर्ट रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या के बाद मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को 2025 में आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। लेकिन हालिया विवाद भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के वायरल वीडियो और ऑडियो से शुरू हुआ। इसमें ‘गट्टू’ नाम के एक वरिष्ठ भाजपा नेता का जिक्र है, जिसे कुछ लोग भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम से जोड़ रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने किसी ‘वीआईपी’ की संलिप्तता से इनकार किया है और ऑडियो को फर्जी बताने वाले बयान भी आए हैं।

पिछले दिनों देहरादून में कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल, महिला मंच और अन्य संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास घेराव की कोशिश की। पुलिस बैरिकेडिंग के बावजूद हजारों लोग सड़कों पर उतरे और सीबीआई जांच की मांग की। प्रदर्शनों में दिल्ली के जंतर-मंतर तक धरने हुए। अंकिता के पिता ने व्यापारियों से बंद में समर्थन की अपील की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोई दोषी नहीं बचेगा और जांच के लिए तैयार हैं। भाजपा सांसद नरेश बंसल ने भी जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच से परहेज न होने की बात कही। वहीं, विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था की नाकामी बता रहा है। पुलिस उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर की तलाश कर रही है।

राज्य में महिला सुरक्षा और न्याय की मांग जोर पकड़ रही है। बंद से पहले सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि ‘वीआईपी’ का नाम उजागर हो और निष्पक्ष जांच हो।

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