

हरिद्वार के जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों, नगर निकायों व ग्राम पंचायतों को त्वरित सर्वे व कार्रवाई के निर्देश
हरिद्वार। मानसून के दौर में जनसुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मयूर दीक्षित ने जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों व दीवारों के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हाल में हरिद्वार और चमोली में दीवारें गिरने से हुई दुर्घटनाओं के मद्देनज़र प्रशासन ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए त्वरित कदम उठाने को कहा है।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों, नगर निकायों, ग्राम पंचायतों और विभागीय कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों, दीवारों और अन्य असुरक्षित संरचनाओं का तत्काल सर्वे कर उन्हें चिह्नित किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे परिसरों को सील या बंद करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आमजन की सुरक्षा बनी रहे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मुनादी तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे लोग वर्षाकाल में पुराने और जर्जर भवनों व दीवारों के पास जाने या उनमें रहने से बचें।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यालय या अन्य सार्वजनिक भवन अनुपयोगी अथवा जर्जर स्थिति में पाया जाता है, तो जनसुरक्षा की दृष्टि से उसे तत्काल सील/बंद कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी व्यक्ति का प्रवेश न हो और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वर्षाकाल के दौरान जर्जर भवनों एवं दीवारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी असुरक्षित भवन या संरचना की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई हो सके। प्रशासन ने कहा है कि निर्देशों का पालन न करने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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