
देहरादून। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन कालनेमि”अभियान के तहत दून पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। आज दिनांक 08/01/2026 को कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने लोक संस्कृति कॉलोनी में अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। यह घटना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जनपद में अवैध व फर्जी दस्तावेजों के साथ नाम-पता बदलकर रह रहे व्यक्तियों की तलाश करना है।
गिरफ्तार महिला का नाम सुबेदा बेगम उर्फ सुबेदा बीवी पत्नी कौशर शाह है, जो बांग्लादेश की निवासी है। पूछताछ में उसने बताया कि चार वर्ष पूर्व कोविड के दौरान वह अवैध रूप से बॉर्डर क्रॉस कर भारत आई थी। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल में दो वर्ष रही, जहां 2022 में उसने पश्चिम बंगाल निवासी कौशर शाह से विवाह किया। दो वर्ष पूर्व वह अपने पति के साथ देहरादून आई, लेकिन वर्तमान में वह देहरादून में अकेले रह रही है, जबकि उसका पति दुबई में कार्यरत है। उसने अपने पति की सहायता से रुड़की व देहरादून से अलग-अलग नामों (सुबेदा बीबी, मोनी आदि) के फर्जी भारतीय जन्म प्रमाण पत्र बनवाए, जिनके आधार पर फर्जी वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य दस्तावेज बनवाए। वह देहरादून में किराए के घरों में झाड़ू-पोंछा लगाने का काम करती है।
पुलिस के कब्जे से उसके पास से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी कार्ड, आधार व पैन कार्ड सहित एक बांग्लादेशी आईडी बरामद हुई है। उसके विरुद्ध कोतवाली पटेलनगर पर मुकदमा संख्या 13/2026, धारा 318(4)/336(3)/338/340(2) बीएनस व 3 पासपोर्ट अधिनियम तथा 14 विदेशी अधिनियम पंजीकृत कर गिरफ्तार किया गया है। फर्जी दस्तावेज बनाने में उसकी सहायता करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी पुलिस जांच कर रही है।
यह गिरफ्तारी “ऑपरेशन कालनेमि”के तहत दून पुलिस की लगातार कार्रवाई का परिणाम है। पहले भी जनपद में अवैध रूप से रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है, जिनमें से 9 को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जेल भेजा जा चुका है और 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है। यह अभियान राज्य की सुरक्षा व वैध नागरिकता को सुरक्षित रखने के लिए जारी है।

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