देहरादून । मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने जानकारी दी है कि राज्य सरकार के पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों की मृत्यु के उपरांत उनके बैंक खातों को बंद करने से पहले संबंधित बैंक शाखाओं को जनपद कोषागार या उप कोषागार से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि कई मामलों में पेंशनरों की मृत्यु के बाद उनके पारिवारिक सदस्य एटीएम या अन्य माध्यमों से पेंशन राशि आहरित कर रहे हैं, जबकि कोषागार को मृत्यु की सूचना नहीं दी जाती। इससे अतिरिक्त भुगतान की गई पेंशन राशि की वसूली में कठिनाई उत्पन्न होती है।
मुख्य कोषाधिकारी ने लीड बैंक अधिकारी से अनुरोध किया है कि सभी बैंक शाखाओं को निर्देशित किया जाए कि बिना कोषागार की अनापत्ति के कोई भी पेंशन खाता बंद न किया जाए। यह व्यवस्था पेंशन भुगतान में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
यहां देखें आदेश


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