पीएमजीएसवाई कुमायूं में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, मुख्य अभियंता एस.एन. सिंह हटाए गए, कई अभियंताओं को नोटिस

अल्मोड़ा/देहरादून, 18 अप्रैल 2025। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) कुमायूं क्षेत्र में कार्यों की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही के मामलों पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। योजनाओं में उदासीनता बरतने और बिना सूचना कार्यालय से अनुपस्थित रहने के चलते मुख्य अभियंता, पीएमजीएसवाई कुमायूं क्षेत्र, अल्मोड़ा एस.एन. सिंह को उनके मूल विभाग सिंचाई विभाग में वापस भेज दिया गया है।

यह कार्रवाई सचिव ग्राम्य विकास के निर्देशों पर की गई है, जिसके तहत उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी (यू.आर.डी.ए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिमांशु खुराना द्वारा आदेश जारी किया गया। अग्रिम आदेशों तक पीएमजीएसवाई वृत्त ज्योलीकोट के अधीक्षण अभियंता को कुमायूं क्षेत्र के मुख्य अभियंता का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

गुणवत्ता व पर्यवेक्षण में लापरवाही बनी कार्रवाई की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य अभियंता द्वारा कार्यों की गुणवत्ता सुधार के संबंध में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। निरीक्षण की कमी, अधीनस्थ अधिकारियों पर नियंत्रण का अभाव, तथा मुआवजा वितरण कार्य में धीमी प्रगति जैसे गंभीर कारणों के चलते यह निर्णय लिया गया।

कई अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी
पीएमजीएसवाई के अंतर्गत बनाए जा रहे मोटर मार्गों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। दन्या आरा-सल्पड़ मोटर मार्ग की खराब गुणवत्ता की शिकायत पर कोई ठोस कार्यवाही न होने के कारण अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार, प्रभारी अधिशासी अभियंता ज्ञानेश चंद्र उपाध्याय और सहायक अभियंता के.एन. सती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इसी प्रकार ‘‘एम.आर.एल. 18 कसियालेख-बुदीबाना-सूपी’’ मोटर मार्ग को लेकर मिली शिकायतों पर कार्रवाई न करने के चलते अधिशासी अभियंता मीना भट्ट और सहायक अभियंता संजय तिवारी, पीएमजीएसवाई लोनिवि खंड, काठगोदाम को भी नोटिस थमाया गया है। सभी अधिकारियों को दो दिवस के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार की स्पष्ट चेतावनी – गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा बर्दाश्त
ग्राम्य विकास विभाग द्वारा स्पष्ट संकेत दिया गया है कि पीएमजीएसवाई जैसी महत्वपूर्ण योजना में किसी प्रकार की लापरवाही, गुणवत्ता में समझौता या कार्यशैली में शिथिलता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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