

सनातन का अपमान कर रही कांग्रेस, समाज को बांटने की राजनीति
देहरादून। भाजपा ने हल्द्वानी के सभास्थल शुद्धि विवाद को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे सनातन धर्म का अपमान और समाज को बांटने की राजनीति करार दिया है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि जिस संस्था ने पूजा-अर्चना की, उससे पार्टी का कोई संबंध नहीं है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री खजान दास ने मंगलवार को पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि कांग्रेस हल्द्वानी में शुद्धिकरण और पूजा करने वाली संस्था ‘श्री राम सेना’ को भाजपा से जोड़ने का निराधार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “यह आरोप पूरी तरह असत्य और भ्रामक है। पार्टी का ऐसी किसी संस्था से कोई लेना-देना नहीं है।”
खजान दास ने 11 अगस्त को हल्द्वानी की रैली के दौरान धर्म विशेष के नारे लगाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर यह हुआ वह पवित्र ‘रामलीला मैदान’ है, जिसका सनातन धर्म में विशेष महत्व है। “ऐसे पवित्र स्थल पर दूसरे धर्मों के नारे लगाना स्वीकार्य नहीं है। यह करोड़ों सनातनियों की आस्था का अपमान है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस राम जन्मभूमि के मुद्दे पर हमेशा विरोधी रही है। “कांग्रेस के लिए यह विषय भले ही मामूली हो, लेकिन भाजपा के लिए सनातन देश के सांस्कृतिक गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। रामलीला मैदान प्रभु श्री राम की जीवन लीला के मंचन की भूमि है और प्रत्येक सनातनी और भाजपा कार्यकर्ता के लिए महत्वपूर्ण है।”
खजान दास ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस रामलीला मैदान में हुए कृत्य को लेकर घिर गई, तो उसने माफी मांगने के बजाय पूजा-अर्चना को आधार बनाकर सनातन समाज को जातियों में बांटने का प्रयास किया। “देवभूमि उत्तराखंड की जनता कांग्रेस के इस षड्यंत्र को समझ चुकी है,” उन्होंने कहा।
प्रदेश प्रवक्ता ने आगे कहा कि दलितों का अपमान कांग्रेस की पुरानी नियति रही है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस की दूषित मानसिकता का शुद्धिकरण होना चाहिए। उन्होंने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर, सीताराम केसरी और बाबू जगजीवन राम के साथ हुए व्यवहार का भी जिक्र किया।
भाजपा ने कहा कि कांग्रेस ध्यान भटकाने के लिए यह विवाद तूल दे रही है, जबकि जनता सनातन विरोधी कृत्य को माफ नहीं करेगी।

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