भाजपा ने धौलास विवादित जमीन आवंटन को लेकर कांग्रेसी मंशा पर उठाए गंभीर सवाल!

कांग्रेस बताए, कट्टरपंथी गतिविधियों वाले मदनी को आईएमए के पास जमीन क्यों दी? : चमोली

क्यों मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए शीर्ष सैन्य संस्थान की सुरक्षा को खतरे में डाला गया?

तुष्टिकरण में अंधी कांग्रेस, क्यों स्थानीय लोगों के साथ लैंड फ्रॉड करने वालों के पक्ष में खड़ी है?

देहरादून । भाजपा ने धौलास में विवादित जमीन आवंटन को लेकर कांग्रेस की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री विनोद चमोली ने आरोप लगाया कि मदनी और उनकी संस्था का ट्रैक रिकॉर्ड कट्टरपंथी गतिविधियों से भरा हुआ है, फिर क्यों उन्हें देश के शीर्ष सैन्य संस्थान की सुरक्षा को खतरे में डालकर जमीन दी गई। वहीं तुष्टिकरण में अंधी कांग्रेस का स्थानीय लोगों के साथ लैंड फ्रॉड करने वालों के पक्ष में खड़ा होने को भी बेहद शर्मनाक बताया।

पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, जो कल तक मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वादे को नकार रहे थे, उन्हें जमीन आवंटन को लेकर गंभीर सवालों का जवाब देना होगा। क्योंकि 2004 में जिस मौलाना महमूद मदनी की संस्था को जमीन दी गई उनका जमीयत उलेमा-ए-हिन्द संगठन कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए कुख्यात है। देश और देश के बाहर अनेकों आतंकी, कट्टरियंथी एवं अराजक घटनाओं में उनके इसी संस्था से प्रेरित या अनुयाई लोगों का हाथ शामिल होना पाया गया है। फिर सवाल उठता है क्यों ऐसे ब्लैक लिस्ट संस्थान को कांग्रेस सरकार द्वारा जमीन दी गई।

जमीन आवंटित करने से भी बेहद गंभीर सवाल यह उठता है कि क्यों यह जमीन देश के शीर्ष सैन्य प्रशिक्षण संस्थान और सैन्य डिपो के पास दी गई? वह भी तब जब आईएमए प्रशासन और स्थानीय लोगों द्वारा जमकर विरोध किया गया था। प्रश्न उठता है कि क्यों सैन्य प्रतिष्ठान की सुरक्षा और गोपनीयता दांव पर लगाई गई?

उन्होंने कहा, क्यों कांग्रेस ऐसे लोगों की पैरवी करती है जो हल्द्वानी में वनभूलपूरा के कब्जों पर कार्रवाई में पुलिस पर हमले करने वालों के साथ खड़े रहते हैं। यही मदनी अतिक्रमणकारियों को फंडिंग करता है और न्यायालयों में उनकी पैरवी करता है। जब जब देवभूमि की डेमोग्राफी बचाने की कोशिश होती है, कांग्रेस क्यों विरोध में खड़ी हो जाती है। चाहे वह यूसीसी हो, धर्मांतरण कानून हो, दंगारोधी कानून या धार्मिक अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई।

उन्होंने सीधे सीधे आरोप लगाया कि कांग्रेस मुस्लिम वोटों के लालच में बार बार देवभूमि की सुरक्षा और अस्मिता दांव पर लगाती है। प्रदेश की जनता ने उन्हें चुनावों में लोकतांत्रिक तरीकों से सबक भी सिखाया है, लेकिन लगता है कांग्रेस समुदाय विशेष के प्रेम में अंधी है। चूंकि कांग्रेस देवभूमि विरोधी है, सनातन विरोधी है, हिंदुत्व विरोधी है, लिहाजा प्रदेश को कांग्रेस मुक्त किया जाना ही विकल्प है।

उन्होंने संबंधित भूमि में जमीन खरीदने वाले लोगों से सहानुभूति जताते हुए कहा, ये लैंड फ्रॉड भोले भाले पहाड़ और उत्तराखंड के लोगों के साथ किया गया है। इसके दोषी हैं वो रईस अहमद जिसके नाम पावर अटॉर्नी है और मदनी भी, जिन्होंने सरकार को धोखे में रखकर ये सारा अवैध कृत्य किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि लोगों के साथ हुए इस धोखाधड़ी पर सरकार अवश्य कार्रवाई करेगी। लेकिन कांग्रेस पार्टी का फ्रॉड करने वालों के पक्ष में तरह तरह के बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।

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