देहरादून में 1.55 करोड़ की नकदी बरामद: स्कॉर्पियो के सीक्रेट केबिन से मिला कैश, पुलिस भी रह गई हैरान

कैंट पुलिस की चेकिंग में महाराष्ट्र नंबर की संदिग्ध गाड़ी धरी गई; आयकर विभाग मौके पर पहुंचा, तीन गुजरात निवासी व्यक्तियों से गहन पूछताछ जारी

देहरादून । एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चलाए जा रहे सघन वाहन चेकिंग अभियान के बीच दून पुलिस को शुक्रवार को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। कैंट कोतवाली क्षेत्र के राजेंद्र नगर-कौलागढ़ इलाके में सिरमौर मार्ग पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र नंबर की एक संदिग्ध स्कॉर्पियो-एन को रोककर तलाशी ली, जिसमें सीक्रेट केबिन बनाकर छिपाई गई करीब 1 करोड़ 55 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। इतनी बड़ी नकदी के संबंध में मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके बाद आयकर विभाग को बुलाकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान MH12XT 3245 नंबर की महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन को रोका गया। वाहन चालक से जब गाड़ी के दस्तावेज मांगे गए तो वह गोलमोल जवाब देने लगा। संदिग्धता बढ़ने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद चालक ने वाहन में भारी मात्रा में नकदी होने की जानकारी दी। उसने बताया कि रकम को गाड़ी की बीच और पिछली सीट के बीच बनाए गए एक सीक्रेट केबिन में छिपाकर रखा गया है।

सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया और उनके माध्यम से आयकर विभाग को मौके पर बुलाया। आयकर विभाग के अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में जब वाहन की तलाशी ली गई तो गाड़ी के गुप्त खांचे से भारी मात्रा में नगद धनराशि बरामद हुई। बरामद रकम को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के तहत कब्जे में लिया गया, जबकि संबंधित वाहन को पुलिस ने सीज कर दिया है।

प्राथमिक पूछताछ में वाहन चालक ने अपना नाम सतीश भाई, पुत्र स्वर्गीय हरगोविंद भाई, निवासी तालुका विसनगर, जिला मेहसाणा (गुजरात), उम्र 51 वर्ष बताया। उसके साथ वाहन में बैठे अन्य दो व्यक्तियों की पहचान ठाकुर जसवंत संघ बनाजी, निवासी ग्राम सेधा, तालुका चाणसमा, जिला पाटन (गुजरात), तथा सचिन पटेल, पुत्र नरेंद्र भाई, निवासी ग्राम दीनप, थाना विसनगर, गुजरात के रूप में हुई है।

पूछताछ के दौरान चालक ने पुलिस को बताया कि यह नकदी वह बनारस से लेकर आया था और उसे वाहन में साथ बैठे जसवंत को सौंपना था। हालांकि रकम के स्रोत, स्वामित्व और परिवहन के संबंध में वह कोई ठोस वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। यही वजह रही कि मामला तुरंत आयकर विभाग को सौंप दिया गया।

फिलहाल आयकर विभाग की टीम तीनों व्यक्तियों से गहन पूछताछ कर रही है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही बरामद नगदी का विस्तृत आकलन भी किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि इस पूरे प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई आयकर विभाग द्वारा की जाएगी, जबकि संदिग्ध वाहन को विधिक कार्रवाई के तहत जब्त कर लिया गया है।

इस कार्रवाई ने न केवल दून पुलिस की सतर्कता को साबित किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि चेकिंग अभियान के दौरान मामूली दिखने वाली संदिग्ध गतिविधियां भी करोड़ों की बरामदगी तक पहुंचा सकती हैं। स्कॉर्पियो में बनाए गए गुप्त केबिन से कैश मिलना इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना रहा है।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments