विकासनगर(आरएनएस)। चालदा महाराज की नवनिर्मित स्वर्णजड़ित पालकी को यमुना तट पर शाही स्नान कराया गया। शुभ लग्न पर पालकी को सिसाई मे यमुना तट पर विधि विधान से स्नान कराया गया। जिसके बाद पालकी को मंदिर में स्थापित किया गया। 27 अगस्त को होने वाले जागड़ा पर्व में नव निर्मित देव पालकी को धार्मिक अनुष्ठान के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। जौनसार बावर में चालदा महाराज का प्रवास दो प्रकार से निर्धारित होता है। एक चालदा महाराज जिनका महासू धाम हनोल से प्रवास निर्धारित होता है वो इन दिनों दसऊ में विराजमान हैं, जबकि दूसरा चालदा महाराज का प्रवास थैना से शुरू होता है, जो इन दिनों खत सैली के दोहा में विराजमान हैं। इसके बाद उनका प्रवास कचटा में होगा। कचटा प्रवास से पूर्व दोहा गांव में चालदा महाराज की 13 किलो चांदी और 23 तोला सोने से नई पालकी का निर्माण किया गया। इसी नवनिर्मित पालकी का रविवार को शाही स्नान कराया गया। अगले साल चालदा महाराज करीब 40 साल के बाद कचटा में प्रवास करेंगे। देव प्रवास के लिए इन दिनो कचटा में भव्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। नई देव पालकी का नए मंदिर में विराजित होने वाले पल के हजारों श्रद्धालु साक्षी बनेंगे। इस दौरान आयोजित किए जाने वाले धार्मिक अनुष्ठान के लिए भी कचटा में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

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