मुख्यमंत्री धामी ने आपदा राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की

बोले- ‘नदी से आरबीएम हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखें’

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में चल रहे आपदा राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने आगामी दिनों में मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए और कहा कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र 24×7 अलर्ट रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील और खतरे वाले क्षेत्रों में जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी एहतियाती कदम उठाने और प्रभावितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जुड़े अधिकारियों और सभी जिलों के जिलाधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
प्रमुख निर्देश और घोषणाएं

  1. नदी से आरबीएम हटाने का आदेश:
    मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि का संज्ञान लिया। उन्होंने नदी के किनारे एकत्र किए गए आरबीएम (रिवर बेड मटेरियल) को हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर रखने का निर्देश दिया, क्योंकि बारिश होने पर यह फिर से नदी में रुकावट पैदा कर सकता है।
  2. सड़कों और बुनियादी ढांचे की बहाली:
    धामी ने बाधित सड़कों को जल्द से जल्द खोलने, पानी और बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने मानसून खत्म होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम तुरंत शुरू करने के लिए भी कहा।
  3. पशुओं के इलाज की व्यवस्था:
    आपदा में घायल हुए पशुओं के इलाज के लिए पशुपालन विभाग को सभी गांवों में डॉक्टरों की टीम भेजने के लिए कहा गया।
  4. जिलाधिकारियों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश:
    मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे राहत और बचाव कार्यों के लिए सरकार से मांगी जाने वाली किसी भी सहायता की मांग करने में हिचकिचाएं नहीं। उन्होंने आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन को जिलों की मांगों पर तुरंत कार्रवाई कर आवश्यक धनराशि जारी करने का निर्देश दिया।
  5. बांधों की निगरानी:
    राज्य में स्थित बांधों की प्रभावी निगरानी के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को 24×7 तैनात करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि बांध से पानी छोड़ने से पहले जिला प्रशासन को नियमित रूप से सूचित किया जाए।
  6. नदी किनारे अतिक्रमण हटाने का आदेश:
    मुख्यमंत्री ने नदियों के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि नदियों और नालों के किनारों पर कोई भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण नहीं होना चाहिए और ऐसे अतिक्रमणों को तुरंत हटाया जाए। सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में एक विस्तृत सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
  7. जिलों के बीच समन्वय:
    आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को आपस में समन्वय बनाए रखने और सूचनाओं का आदान-प्रदान करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से मैदानी जिलों को बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नाव, राफ्ट और जल निकासी पंप जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं रखने का निर्देश दिया।
  8. जन जागरूकता और सर्वे:
    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों तक समय पर सही जानकारी और अलर्ट पहुंचना बहुत जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक नागरिक तक मौसम संबंधी अलर्ट पहुंचाने के लिए कहा, ताकि वे अपनी सुरक्षा के लिए समय रहते कदम उठा सकें। साथ ही, उन्होंने विभिन्न विभागों की टीमें बनाकर आपदा से हुए नुकसान का जल्द से जल्द सर्वे करने का भी निर्देश दिया, ताकि पुनर्निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके।
    इस बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव गृह शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गढ़वाल और कुमाऊं आयुक्तों के साथ-साथ जिलाधिकारियों और एसएसपी ने भी ऑनलाइन बैठक में भाग लिया।
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