देहरादून,22मार्च 2025(आरएनएस ) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से पिथौरागढ़ जिले के लिए कई आधारभूत विकास कार्यों की मंजूरी दी। साथ ही, मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी विकास और गन्ना चीनी विकास विभाग की भी गहन समीक्षा की।
पिथौरागढ़ जिले में विकास कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की। इसमें धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण से लेकर सड़कों और पुलों के निर्माण तक कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
- धारचूला विधानसभा क्षेत्र: भैंसकोट स्थित कालासैम मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए ₹74.99 लाख की स्वीकृति।
- बर्नियागांव से जैती/जीजीआईसी नमजला पहुंच मार्ग एवं पुलिया निर्माण: इस परियोजना के लिए ₹42.50 लाख की मंजूरी।
- मड से असूरचूला मंदिर तक ट्रैकिंग रूट निर्माण: विधानसभा पिथौरागढ़ के अंतर्गत इस कार्य के लिए ₹95.90 लाख स्वीकृत।
- डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र: सांवलीसेरा से हंशेश्वर श्मशान घाट तक शवयात्रा मार्ग निर्माण हेतु ₹74.97 लाख की वित्तीय स्वीकृति।
- खंडेनाथ मंदिर तक सीसी रास्ता निर्माण: ग्राम बारमों से खंडेनाथ मंदिर तक के मार्ग के लिए ₹88.46 लाख की मंजूरी।
- हरिचंद देवता मंदिर तक पैदल मार्ग का निर्माण: ग्राम हड़खोला के धारमा तोक में अतिथि गृह से मंदिर तक 400 मीटर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने के लिए ₹15.05 लाख स्वीकृत।
- रुद्रपुर में माँ बसंती देवी दुर्गा मंदिर सौंदर्यीकरण: इस कार्य के लिए ₹25 लाख की वित्तीय स्वीकृति।

मत्स्य विभाग की समीक्षा: ट्राउट मत्स्य पालन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान ट्राउट प्रोत्साहन योजना को रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के लक्ष्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने इंटीग्रेटेड नमामि गंगा एक्वेटिक सेंटर की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे मत्स्य प्रजातियों का संरक्षण हो और विदेशी पर्यटक आकर्षित हों। राज्य स्तरीय इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क की स्थापना पर भी जोर दिया गया ताकि मत्स्य विभाग की गतिविधियों को विस्तार मिल सके और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हों।
बैठक में बताया गया कि:
- ट्राउट प्रोत्साहन योजना के तहत ₹170 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- इससे 600 टन ट्राउट उत्पादन, 75 लाख ट्राउट सीड उत्पादन और 600 प्रत्यक्ष रोजगार के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
- इंटीग्रेटेड एक्वेटिक सेंटर के लिए ₹250 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना है।
- इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क हेतु ₹53.39 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है, जिससे 5100 टन अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन सुनिश्चित होगा।
पशुपालन विभाग: सेना को भी होगी पशु आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि आईटीबीपी को जीवित बकरी, भेड़, कुक्कुट और ट्राउट मछली की आपूर्ति की व्यवस्था के तहत सेना को भी शामिल किया जाए। इससे स्थानीय उत्पादकों को बढ़ावा मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
महत्वपूर्ण निर्णय:
- अक्टूबर 2024 तक 800 मीट्रिक टन पशु उत्पादों की आपूर्ति की गई।
- राज्य सरकार ने ₹5 करोड़ के रिवॉल्विंग फंड की व्यवस्था की।
- 10 सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों के 253 पशुपालकों को लाभ मिला।
- नवंबर 2024 तक किसानों को ₹1.60 करोड़ डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया गया।
- इस अवधि में 6455 किलोग्राम ट्राउट मछली, 22735 किलोग्राम जीवित कुक्कुट, 33536 किलोग्राम जीवित भेड़-बकरी की आपूर्ति हुई।

मुख्यमंत्री ने ग्राम्य गौ सेवक योजना और गो सदनों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
डेयरी विकास विभाग की समीक्षा: किसानों को अतिरिक्त आय पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादक किसानों को आय के अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराने के लिए बायो गैस संयंत्रों की स्थापना पर जोर दिया जाए।
इसके अलावा, दुग्ध मूल्य के समय पर भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
गन्ना एवं चीनी विकास विभाग की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों के आधुनिकीकरण और गन्ना किसानों को भुगतान की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री की इस समीक्षा बैठक में पिथौरागढ़ जिले के लिए महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को स्वीकृति दी गई। मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन योजनाओं से न केवल आर्थिक विकास होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

Recent Comments