देहरादून, 11 अप्रैल, 2025: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में 64वीं राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर वांछित स्वीकृतियां और अपेक्षित रिपोर्ट तत्काल उद्योग विभाग को उपलब्ध कराएं। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लंबित सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के अंतर्गत लगभग 30 विभागों की 200 से अधिक सेवाएं शामिल की गई हैं। उन्होंने उन सभी विभागों को तत्काल ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए, जो अभी भी स्वीकृतियों के लिए ऑफलाइन आवेदन स्वीकार कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को जनपद स्तर पर लंबित पड़े मामलों का तेजी से निस्तारण करने के लिए भी निर्देशित किया। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि सिंगल विंडो के माध्यम से विभागों द्वारा जारी किए जाने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्रों (एनओसी) को जारी करने में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

प्रदेश में नए स्थापित होने वाले सरकारी और निजी औद्योगिक विकास क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और जलापूर्ति की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि अपशिष्ट उपचार संयंत्रों (ईटीपी) से निकलने वाले पानी का मानकों के अनुसार पुन: उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए। इससे पेयजल और भूमिगत जल के औद्योगिक उपयोग को कम किया जा सकेगा।
बैठक में सचिव रंजीत कुमार सिन्हा, हरि चन्द्र सेमवाल, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय और सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. पराग मधुकर धकाते सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनपदों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।


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