वाशिंगटन ,07 मार्च। अमेरिकी सेना में चीनी घुसपैठ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुरुवार को संघीय जांच ब्यूरो ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी के नेतृत्व में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सेना के तीन जवानों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए जवानों में दो सक्रिय सैनिक और एक पूर्व सैनिक शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने सरकारी संपत्ति की चोरी और रिश्वतखोरी की साजिश रचकर अमेरिकी खुफिया जानकारी चीन को बेची है।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान जियान झाओ, ली तियान और रुओयु दुआन के रूप में की गई है। जियान झाओ और ली तियान जॉइंट बेस लुईस-मककॉर्ड में कार्यरत सक्रिय सैनिक हैं, जबकि रुओयु दुआन पूर्व सैनिक है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, तियान और दुआन पर ओरेगन जिले में रिश्वतखोरी और सरकारी संपत्ति की चोरी की साजिश रचने का आरोप है। वहीं, झाओ पर वाशिंगटन के पश्चिमी जिले में राष्ट्रीय रक्षा जानकारी को अनधिकृत व्यक्तियों तक पहुंचाने, रिश्वतखोरी और सरकारी संपत्ति की चोरी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, जियान झाओ ने जुलाई 2024 से अपनी गिरफ्तारी तक, संवेदनशील हार्ड ड्राइव इक_ा कर उन्हें चीन में स्थित व्यक्तियों को बेचने की साजिश रची। चौंकाने वाली बात यह है कि इन हार्ड ड्राइव पर सीक्रेट और टॉप सीक्रेट जैसे अति-संवेदनशील निशान लगे हुए थे। बावजूद इसके, झाओ ने उन्हें चीन को बेचने की कोशिश की और इसके बदले में कम से कम 10,000 डॉलर की राशि प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, झाओ पर अमेरिकी सरकार से चुराए गए एक एन्क्रिप्शन-सक्षम कंप्यूटर को भी बेचने का आरोप है।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पामेला जे. बॉन्डी ने इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा, आज गिरफ्तार किए गए आरोपी हमारे देश के साथ विश्वासघात कर रहे थे। वे अमेरिका की रक्षा क्षमताओं को कमजोर करने और चीन जैसे हमारे विरोधियों को सशक्त करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। उन्हें त्वरित और कठोर न्याय का सामना करना पड़ेगा।
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के तहत फल-फूल सकता है, लेकिन अमेरिकी सेना में इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारे सैनिक संवेदनशील सैन्य जानकारी के संरक्षक हैं, और एफबीआई और हमारे सहयोगी अमेरिकी सैन्य जानकारी चुराने के किसी भी प्रयास को उजागर करने और सभी जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यह महत्वपूर्ण जांच एफबीआई के पोर्टलैंड और सिएटल फील्ड कार्यालयों, और अमेरिकी सेना काउंटरइंटेलिजेंस कमांड द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की गई। सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (ष्टक्चक्क), डाक निरीक्षण सेवा और नौसेना आपराधिक जांच सेवा (हृष्टढ्ढस्) ने भी इस जांच में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की। सेना काउंटरइंटेलिजेंस कमांड के कमांडिंग जनरल ब्रिगेडियर जनरल रेट आर. कॉक्स ने कहा, ये गिरफ्तारियां हमारी सेना और राष्ट्र के सामने बढ़ते विदेशी खुफिया खतरे को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। हम उन लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए अथक प्रयास जारी रखेंगे जो सेना के मूल्यों को त्यागकर व्यक्तिगत लाभ के लिए काम करते हैं।
इस घटना ने अमेरिकी सेना में सुरक्षा प्रोटोकॉल और विदेशी खुफिया खतरों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। गिरफ्तार किए गए जवानों को अब अदालत में पेश किया जाएगा और उन पर लगे आरोपों के लिए मुकदमा चलाया जाएगा।
चीन की सेंधमारी : अमेरिकी सेना के तीन जवान जासूसी के आरोप में गिरफ्तार, खुफिया जानकारी बेचने का खुलासा
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