देहरादून में सीटू का जनाक्रोश: “निशु के पिता पर हमले के दोषियों को गिरफ्तार करो, पुलिस बर्बरता बंद करो”-  विरोध में गृहमंत्री का पुतला दहन

देहरादून।  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार को सीआईटीयू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस) के बैनर तले हजारों की संख्या में श्रमिकों, कर्मचारियों, महिलाओं और छात्रों ने दलित छात्रा निशु के पिता पर हुए जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी, महिला मुस्लिम पत्रकारों पर हुए कथित पुलिस अत्याचार और सत्ता में बैठे लोगों को मिल रहे कथित संरक्षण के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया।

प्रदर्शनकारियों ने सीटू कार्यालय से राजपुर रोड तक जुलूस निकाला। इस दौरान “तानाशाही नहीं चलेगी, जनता की सरकार चलेगी”, “पत्रकार बचाओ, लोकतंत्र बचाओ”, “गृहमंत्री मुर्दाबाद, दिल्ली पुलिस बर्बरता मुर्दाबाद” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निशु के पिता को जान से मारने की नीयत से हुए हमले के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के अलावा अन्य हमलावरों को दिल्ली पुलिस द्वारा बचाया जा रहा है और उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है।

सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि हमले के आरोपियों को पुलिस संरक्षण और सार्वजनिक बयानों के जरिए राजनीतिक छत्रछाया मिल रही है, जिसे उन्होंने “न्यायपालिका का खुला अपमान” कहा। वक्ताओं ने पत्रकार नफीसा, वरिष्ठ पत्रकार साहिन खान और अन्य पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कथित बर्बर पिटाई का जिक्र करते हुए पूछा, “अगर पत्रकार ही सुरक्षित नहीं, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?” उन्होंने कहा कि गृहमंत्री सहित बीजेपी नेताओं को कानून से ऊपर मानकर दिया जा रहा संरक्षण संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ है।

प्रदर्शनकारियों ने चार सूत्री मांगें उठाते हुए अल्टीमेटम दिया:

  1. निशु के पिता पर हमला करने वालों और पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट/हाईकोर्ट की निगरानी में त्वरित एवं स्वतंत्र न्यायिक जांच हो।
  2. पिटाई में शामिल दिल्ली पुलिस के दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई एवं कठोरतम कानूनी दंड सुनिश्चित किया जाए।
  3. गृह मंत्रालय सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे कि आरोपियों को पुलिस संरक्षण किस आधार पर दिया गया; यदि उत्तर संतोषजनक नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो।
  4. शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की बाधा, गिरफ्तारी या अत्याचार को तुरंत रोका जाए और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की जाए।

प्रदर्शन में सीटू के जिला महामंत्री लेखराज, अखिल भारतीय किसान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष शिवप्रसाद देवली, सीटू के जिला अध्यक्ष एस.एस. नेगी, उपाध्यक्ष भगवंत पायल, कृष्ण गुनियाल, अभिषेक भंडारी, हिमांशु चौहान, रवींद्र नौडियाल, बस्ती बचाओ आंदोलन के संयोजक अनंत आकाश, नितिन बौंठियाल, मोनिका तथा एस.एफ.आई के प्रांतीय महामंत्री शैलेंद्र परमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments