प्रभावित गांवों में यूपीसीएल की सराहनीय पहल

तेज बारिश और बादल फटने के बाद 245 गांवों में बहाल हुई बिजली

देहरादून। उत्तराखंड में बीते दिनों 29 अगस्त को रुड़प्रयाग और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश और बादल फटने से बड़ी आपदा आई। इस प्राकृतिक आपदा ने जहां ग्रामीण क्षेत्रों की दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं बड़ी संख्या में गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

इन चुनौतीपूर्ण हालात में उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) की फील्ड टीमों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद निरंतर काम कर 258 प्रभावित गांवों में से अब तक 245 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है। शेष 13 गांवों में आज (30 अगस्त) तक बिजली व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी।

बागेश्वर और रुद्रप्रयाग सबसे ज्यादा प्रभावित
जानकारी के अनुसार, रुद्रप्रयाग जिले में चिनगांव, तिलवाड़ा और रिंकौण क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाओं से 258 गांव प्रभावित हुए थे। वहीं बागेश्वर जिले के दीदीहाट ब्लॉक में भी 11 फीडर लाइनें बाधित हुईं, जिससे लगभग 50 गांवों और करीब 3000 उपभोक्ताओं पर असर पड़ा।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद UPCL की क्षेत्रीय टीमों ने केवल एक दिन में 45 गांवों में बिजली बहाल कर सराहनीय काम किया। वर्तमान में मात्र 5 गांवों में मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और संभावना है कि आज शाम तक सभी गांवों में बिजली पूरी तरह से बहाल हो जाएगी।

बैठक में समीक्षा और आगे की रणनीति
30 अगस्त को प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में सभी क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की वर्तमान स्थिति, हुए नुकसान, पुनर्बहाली की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

बैठक में सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। प्रबंध निदेशक ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और ऊर्जा सचिव के सहयोग से UPCL की टीमों ने जिस तत्परता से कार्य किया है, वह उनकी कार्यकुशलता और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण है।

गांवों तक शीघ्र राहत पहुँचाने पर जोर
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि—

आपदा से हुए कुल नुकसान का विस्तृत आकलन तत्काल प्रस्तुत किया जाए।

ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरणों को हुए नुकसान का समेकित विवरण उपलब्ध कराया जाए।

सभी अधीक्षण और अधिशासी अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्ध सामग्री का सटीक प्रबंधन करें।

प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी भंडारण केंद्र (स्टॉक प्वाइंट) स्थापित किए जाएं ताकि पुनर्बहाली के समय त्वरित समाधान उपलब्ध हो सके।

उपभोक्ताओं की सहायता के लिए SDO, JE और फील्ड स्टाफ को बैंकिंग हेतु आपातकालीन लाइट्स मुहैया कराई जाएं।

सभी अधिकारियों के बीच संचार को सुचारु बनाए रखने के लिए VHF और अन्य संचार माध्यम अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।

यूपीसीएल की सेवा भावना की सराहना
प्रबंध निदेशक ने विशेष रूप से रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने उपभोक्ता सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और कार्यनिष्ठा का परिचय दिया है।

उन्होंने कहा कि UPCL उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाता है कि बिजली आपूर्ति बहाल करने का कार्य पूरी जिम्मेदारी और तत्परता से किया जा रहा है और शीघ्र ही सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली सामान्य हो जाएगी।

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