

देहरादून। उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम से मुलाकात की और भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान Form-7 के जरिए कथित तौर पर बड़ी संख्या में आपत्तियां दाखिल किए जाने, फर्जी आवेदनों और DSE/PSE के आधार पर मतदाताओं के नाम प्रभावित किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में थोक में Form-7 आपत्तियां दाखिल कर वैध मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में किच्छा विधानसभा क्षेत्र के करीब 50 पोलिंग स्टेशनों पर 10 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने संबंधी आपत्तियों और कुछ व्यक्तियों द्वारा बड़ी संख्या में आपत्तियां दाखिल किए जाने का मामला उठाया गया। कांग्रेस के अनुसार, राजेश तिवारी के नाम से करीब 6,410 आपत्तियां दाखिल होने की जानकारी भी सामने आई है।
प्रतिनिधिमंडल ने पीरान कलियर में विधायक फुरकान अहमद के नाम के विरुद्ध दर्ज आपत्ति, गदरपुर में दिवंगत महिला के नाम से आपत्ति तथा न्यायिक हिरासत में बंद लोगों के नाम से आपत्तियां दाखिल किए जाने की शिकायतों की भी जांच की मांग की। कांग्रेस ने ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और हरिद्वार की विभिन्न विधानसभा सीटों में Form-7 आपत्तियों के असामान्य पैटर्न की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए ऊधमसिंह नगर में DSE/PSE के आधार पर करीब 1,02,793 मतदाताओं के नाम प्रभावित होने पर भी चिंता जताई।

कांग्रेस ने मांग की कि विवादित Form-7 और DSE/PSE मामलों में जांच पूरी होने तक नाम हटाने की कार्रवाई रोकी जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच समिति गठित करने, Form-7 के आवेदन, हस्ताक्षर, डिजिटल ट्रेल, CCTV और सत्यापन रिकॉर्ड की जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों व संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि SIR की प्रक्रिया नियमानुसार संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिन जिलों में दावे और आपत्तियां अधिक प्राप्त हुई हैं, वहां नौ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के तौर पर अतिरिक्त तैनाती दी गई है। मंडलायुक्त गढ़वाल और कुमाऊं को भी मतदाता सूची के पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी जिलों को राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक मनोज रावत, सूर्यकांत धस्माना, सुजाता पॉल, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह और महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी शामिल रहे।


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