उत्तराखंड में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान

27 जिलों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त, कुमारी शैलजा ने दिए दिशा-निर्देश

देहरादून: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने उत्तराखंड के 27 संगठनात्मक जिलों के लिए 27 पर्यवेक्षक और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) द्वारा 81 परिवीक्षक नियुक्त किए हैं, ताकि राज्य में संगठन सृजन कार्यक्रम को गति दी जा सके। मंगलवार को देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित दो महत्वपूर्ण बैठकों में प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव कुमारी शैलजा ने वरिष्ठ नेताओं और नव नियुक्त पर्यवेक्षकों को संगठन को मजबूत करने के लिए दिशा-निर्देश दिए।

श्रद्धांजलि सभा
बैठक की शुरुआत में कुमारी शैलजा, करन माहरा और अन्य नेताओं ने अल्मोड़ा जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती उमा बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त कर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की।

पहली बैठक: संगठनात्मक और आंदोलनात्मक गतिविधियों पर चर्चा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा की अध्यक्षता में आयोजित पहली बैठक में कुमारी शैलजा, सह प्रभारी सरदार परगट सिंह, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, CWC सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, नवप्रभात, शूरवीर सिंह सजवान, हिरा सिंह बिष्ट, प्रकाश जोशी, गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व सांसद महेंद्र सिंह पाल, रंजीत सिंह रावत सहित सभी विधायक और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
कुमारी शैलजा ने कहा कि केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार और उत्तराखंड की भाजपा सरकार से जनता त्रस्त है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा चुनावी अनियमितताओं को उजागर करने का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा अब विपक्षी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को हटाने के लिए काला कानून लाने की कोशिश कर रही है। हाल के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में कांग्रेस को मिले जन समर्थन का हवाला देते हुए उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने पंचायत चुनावों में राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की कथित मिलीभगत और उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी, रुद्रप्रयाग व कुमाऊं में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर जानकारी दी। पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पार्टी में बेहतर समन्वय और सभी की भागीदारी पर जोर दिया। बैठक में राजभवन कूच की सफलता के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई दी गई।

दूसरी बैठक: पर्यवेक्षकों को दिशा-निर्देश
दूसरी बैठक में कुमारी शैलजा ने पीसीसी द्वारा नियुक्त 81 पर्यवेक्षकों के साथ संगठन सृजन कार्यक्रम पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यवेक्षक समाज के हर वर्ग और कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श कर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करें। एआईसीसी के संगठन सृजन प्रभारी और लोकसभा सांसद सिद्दार्थ सैंथिल ने कार्यक्रम के प्रारूप और कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी।
आगामी रणनीति
कुमारी शैलजा ने संगठन सृजन को क्रांतिकारी पहल बताते हुए कहा कि यह पार्टी को जमीनी स्तर से मजबूत करेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटने और जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
यह अभियान उत्तराखंड में कांग्रेस की स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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