देहरादून। महिला व बाल अपराधों के प्रति संवेदनशील दून पुलिस ने दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशन में की।
चन्द्रेश्वर नगर, ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति ने 19 नवम्बर 2025 को कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर देकर आरोप लगाया कि 18 नवम्बर 2025 को उसकी पुत्री की उसके पति सुमित व ससुराल पक्ष के लोगों ने दहेज की मांग को लेकर शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई। तहरीर के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश में मु0अ0सं0 522/2025, धारा 80(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा कोतवाली ऋषिकेश में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए। टीम ने अभियुक्त की तलाश के लिए लगातार सुरागरसी और पतारसी की। स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से अभियुक्त के संभावित ठिकानों की निगरानी की गई। लगातार दबिशें दी जाती रहीं, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए सुमित बार-बार अपना ठिकाना बदलता रहा। लगातार प्रयासों के बाद 23 नवम्बर 2025 को पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली कि मृतका का पति सुमित जाटव पुराने रेलवे स्टेशन मंदिर के पास स्थित खाली ग्राउंड में छिपा हुआ है।
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर सुमित जाटव को दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी अकेला था और वहां से भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के सामने वह सफल नहीं हो पाया।
आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना है। इस पूरे अभियान में कोतवाली ऋषिकेश की टीम की तत्परता व सक्रियता महत्वपूर्ण रही।जिसमें उप निरीक्षक निखिलेश बिष्ट व कांस्टेबल रूपेश कुमार प्रमुख हैँ।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला एवं बाल अपराधों के प्रति दून पुलिस ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। दहेज, घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और समाज में कड़ा संदेश जाए।

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